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Indore News: अचानक बदला मौसम का मिजाज, तेज हवाओं के साथ शुरू हुई झमाझम बारिश

Wed, 17 Jun 2026 08:12 PM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर में पिछले दो दिनों से स्थिर बने तापमान के बाद बुधवार शाम को अचानक तेज हवाओं के साथ पूर्वी हिस्से में झमाझम और पश्चिमी हिस्से में रिमझिम बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया है। 
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इंदौर में बारिश। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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इंदौर में पिछले दो दिनों से दिन और रात के तापमान में कोई खास अंतर नहीं देखा जा रहा था और बुधवार शाम तक भी स्थिति लगभग वैसी ही बनी रही। इसके बाद अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाएं चलने लगीं। हवाओं के साथ ही शहर के पूर्वी क्षेत्र के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। वहीं दूसरी तरफ पश्चिमी क्षेत्र के इलाकों में कहीं हल्की बूंदाबांदी तो कहीं रिमझिम फुहारें देखने को मिलीं। मौसम में आए इस अचानक बदलाव के बाद से पूरे शहर के वातावरण में अच्छी ठंडक घुल गई है जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
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पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों में वर्षा का अलग मिजाज
शाम को करीब साढ़े चार बजे पूर्वी क्षेत्र में बारिश का सिलसिला शुरू हुआ जो कभी हल्का तो कभी रिमझिम फुहारों के रूप में बदलता रहा। लगभग एक घंटे तक शहर के इन हिस्सों में लगातार पानी गिरता रहा और उसके बाद वर्षा की रफ्तार एकदम कम हो गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस चालू सीजन में इंदौर में अब तक दो इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है। स्थानीय मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अभी आने वाले एक से दो दिनों तक इंदौर और इसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम का मिजाज इसी तरह का बना रहेगा।

पिछले दस वर्षों में मानसून के आगमन का इतिहास
मौसम विभाग के पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि सामान्य तौर पर मध्य प्रदेश में मानसून का प्रवेश 15 जून तक हो जाता है। अगर पिछले 10 वर्षों के इतिहास पर नजर डालें तो साल 2021 में मानसून ने सबसे जल्दी यानी नौ जून को ही दस्तक दे दी थी। इसके विपरीत सबसे देरी से मानसून का आगमन साल 2018 में हुआ था जब यह 25 जून को प्रदेश में दाखिल हुआ था। पिछले साल 2025 की बात करें तो मानसून 16 जून को ही आ गया था और उसके बाद पूरे प्रदेश में सामान्य से काफी ज्यादा पानी गिरा था।
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इस बार मानसून की रफ्तार धीमी और बारिश के आंकड़ों में गिरावट
मौसम वैज्ञानिकों के ताजा अनुमान के मुताबिक इस बार मानसून की एंट्री में करीब एक सप्ताह की देरी होने की संभावना है। इस लेट लतीफी के कारण जून महीने में होने वाली बारिश का कुल आंकड़ा सामान्य से काफी पीछे चल रहा है। मौसम विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार एक जून से लेकर सोलह जून तक पूरे प्रदेश में ओवरऑल 35 प्रतिशत कम पानी गिरा है। वर्तमान समय तक महज आधा इंच के आसपास बारिश दर्ज की गई है जबकि सामान्य परिस्थितियों में अब तक करीब डेढ़ इंच पानी गिर जाना चाहिए था। इसमें भी पूर्वी हिस्से की स्थिति ज्यादा खराब है क्योंकि वहां सामान्य के मुकाबले आधी बारिश भी नहीं हो सकी है।
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