प्री मानसून एक्टिविटी शुरू हो चुकी हैं और इंदौर में निगम ने अभी तक जल भराव के लिए तैयारियां शुरू नहीं की हैं। पिछले साल बारिश में इंदौर की कई बस्तियों में जल भराव हुआ। ड्रेनेज व्यवस्था में खामियों, पुराने नालों को बंद करने की वजह से अधिकांश जगह यह जल भराव की स्थिति बनी थी। इस बार भी यदि तेज बारिश हुई तो समस्या बड़ा रूप ले सकती है।
कई क्षेत्र जाम से परेशान होते हैं
बारिश में सड़कों पर पानी भरने की वजह से हर साल कई क्षेत्रों में लंबा जाम लगता है। बारिश के पानी की सही व्यवस्था न होने की वजह से लंबे समय तक कई क्षेत्रों में पानी भरा रहता है।
यह क्षेत्र होते हैं ज्यादा प्रभावित
रीगल, पलासिया, भंवरकुआं, एमजी रोड, अन्नपूर्णा, तीन इमली, मिल क्षेत्र, ट्रांसपोर्ट नगर, लोहा मंडी, महारानी रोड, रोबोट चौराहा। इनके अलावा शहर की निचली बस्तियों में हालत बहुत अधिक खतरनाक हो जाती है। यहां पर तो लोगों के घर भी डूब जाते हैं।
पिछले साल रेस्क्यू करना पड़ा लोगों को
इंदौर में पिछले साल तीन दिन में लगातार 13 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। ऐसे में आसपास के इलाकों में जलभराव के हालात बन गए। इंदौर के कृष्णपुरा छत्री के नजदीक और आसपास के इलाकों में जलभराव से निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को बाहर निकालने में परेशानी भी हुई। इंदौर नगर निगम के दस्ते ने लोगों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया था।
1500 करोड़ रुपए खर्च कर चुके
इंदौर नगर निगम नाला टेपिंग और सीवरेज व्यवस्था पर 1500 करोड़ से अधिक राशि खर्च कर चुका है। इसके बाद भी जरा सी बारिश में शहर जलमग्न हो जाता है। इंदौर नगर निगम प्रशासन की आपदा प्रबंधन व्यवस्था पिछले कई साल में फेल साबित हुई है।
कोई परेशानी नहीं आएगी
निगमायुक्त शिवम वर्मा ने बारिश की तैयारियों पर कहा कि इंदौर में किसी भी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। मानसून शुरू होने वाला है और निगम की सभी टीमों को अलर्ट कर दिया गया है। जिन क्षेत्रों में जल भराव की स्थित बनती है वहां पर मार्किंग करके पहले से तैयारियां की जा रही हैं।