Indore News: शहर में अपराध नियंत्रण हेतु ड्रोन का इस्तेमाल शुरू हो गया है। पुलिस टीमें हॉटस्पॉट, सुनसान इलाकों और तंग गलियों में ड्रोन से निगरानी कर असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई कर रही हैं, ताकि रियल-टाइम जानकारी से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा सके।
शहर में बढ़ते अपराधों पर लगाम कसने और पुलिसिंग को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए इंदौर पुलिस ने एक नई पहल शुरू की है। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने असामाजिक तत्वों और बदमाशों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए ड्रोन का उपयोग करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
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क्यों पड़ी ड्रोन की जरूरत?
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाना है। शहर के कई 'हॉटस्पॉट' व 'शैडो एरिया' (अंधेरे या सुनसान इलाके) ऐसे हैं, जहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। इन क्षेत्रों में पारंपरिक पेट्रोलिंग के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन इलाकों पर है खास नजर
पुलिस का फोकस विशेष रूप से उन स्थानों पर है, जहां अवैधानिक गतिविधियों की आशंका सबसे अधिक होती है। इनमें सुनसान इलाके, शराब की दुकानें, पान/सिगरेट की गुमटियों के आसपास के क्षेत्र, खाली मैदान और गार्डन शामिल हैं। ड्रोन के माध्यम से इन सभी जगहों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
जोन 02 व 03 में हुई कार्रवाई
निर्देशों के पालन में, बीती रात नगरीय जोन 02 व 03 की पुलिस टीमों ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों में ड्रोन से सघन पेट्रोलिंग और चेकिंग की। इस दौरान टीमों ने तंग गलियों और मोहल्लों में भी ड्रोन से बारीकी से निगरानी की और कई संदिग्धों से पूछताछ भी की गई।
रियल-टाइम जानकारी से मिलेगी मदद
पुलिस कमिश्नरेट की टीमों का मानना है कि ड्रोन पेट्रोलिंग से संदिग्ध व्यक्तियों और उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सकती है। इससे पुलिस को रियल-टाइम जानकारी मिलेगी, जिससे अपराधियों पर अधिक प्रभावी नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। इस कदम से शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।