ई रिक्शा को लेकर इंदौर में बैैठक आयोजित की गई।
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इंदौर की ट्रैफिक समस्या को कम करने के लिए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। अब ई रिक्शा हर सड़क पर नजर नहीं आएंगे। वे तय रुटों से ही यात्री बैठा सकेंगे। इंदौर के 23 मार्गों पर ई रिक्शा के लिए रुट दिए गए है। हर रुट के हिसाब से ई रिक्शा चालकों को नंबर दिए गए है। वह नंबर रिक्शा पर भी अंकित होगा। तय रुट से यदि दूसरे रुट पर रिक्शा चलते पाए गए तो फिर उनके खिलाफ एक्शन भी लिया जा सकेगा।
इंदौर में फिलहाल दस हजार से ज्यादा रिक्शा सड़कों पर दौड़ रहे है,लेकिन अभी उनके लिए न स्टैंड तय होते थे और न रुट। इस कारण ई रिक्शा चालक किसी भी क्षेेत्र की सवारियां बैठा लेते थे। घने क्षेत्र और व्यापारिक इलाकों में ई रिक्शा चलने से ट्रैफिक में समस्या होने लगी थी। ट्रैफिक विभाग भी ई रिक्शा के व्यवस्थित संचालन के लिए योजना तैयार कर रहा था।
सभी विभागों ने मिलकर रुट तय किए। इन 23 रुटों में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, गंगवाल बस स्टैंड, महूनाका, बाणगंगा, नंदानगर मेन रोड सहित अन्य रुट शामिल है। कलेक्टर कार्यालय मेें आयोजित बैठक मेें शनिवार को ई रिक्शा के लिए रुट तय किए गए। मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने बताया कि ट्रैफिक में इंदौर को नंबर वन बनाने की दिशा में ई रिक्शा के रुट तय किए गए है। सभी विभाग के साथ समन्वय कर यह रुट तय किए गए है।
70 हजार से ज्यादा यात्री करते है सफर
शहर में ई रिक्शा की संख्या दस हजार से ज्यादा हो चुकी है। ट्रैफिक विभाग के अनुसार दिनभर में 70 हजार से ज्यादा यात्री ई रिक्शा में सफर करते है। कई पुराने ई रिक्शा तो बगैर फिटनेस के दौड़ रहे हैै। इनकी स्पीड कम होती है। इस कारण प्रमुख मार्गों पर यह ट्रैफिक में बाधा भी उत्पन्न करते है। शहर में कई महिलाएं भी ई रिक्शा चलाती है।