Indore News : शहर के बायपास पर बने छोटे बोगदों को हटाकर उनकी जगह फ्लायओवर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। पहले चरण में चार अंडरपासों नायता मुंडला, बिचौली मर्दाना-बिचौली हप्सी, डीपीएस बेस्ट प्राइस के पास और मांगलिया अंडरपास पर काम होगा।
शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए बायपास के छोटे बोगदों को तोड़कर उनकी जगह फ्लायओवर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। पहले चरण में चार बोगदों को हटाकर फ्लायओवर बनाने का काम किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मंजूरी मिलने के बाद एनएचएआई ने इसके लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने और डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सांसद शंकर लालवानी ने इस मुद्दे को मंत्री गडकरी के सामने रखा था और बताया कि बायपास के दोनों ओर कॉलोनियों, स्कूलों, कॉलेजों, होटलों और मॉल्स के विकसित होने से ट्रैफिक का दबाव तेजी से बढ़ा है।
संकरे बोगदों से बढ़ती जाम की समस्या
लालवानी ने कहा कि बोगदे इतने संकरे हैं कि दो बड़ी गाड़ियां भी एक साथ नहीं निकल पातीं। इसके चलते ट्रैफिक जाम की स्थिति रोजाना बनती है और पीक ऑवर्स में हालात और बिगड़ जाते हैं। नायता मुंडला अंडरपास इसका बड़ा उदाहरण है, जहां सनावदिया से आने वाला पूरा ट्रैफिक गुजरता है। यहां परिवहन विभाग का कार्यालय भी स्थित है और दोपहर 2 से 4 बजे के बीच स्कूल बसों का दबाव इतना बढ़ जाता है कि दोनों ओर लंबी कतार लग जाती है।
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इन 4 बोगदों पर होगा पहला काम
पहले चरण में जिन बोगदों को फ्लायओवर में बदला जाएगा, उनमें नायता मुंडला अंडरपास, बिचौली मर्दाना-बिचौली हप्सी अंडरपास, डीपीएस के पास बेस्ट प्राइस के आगे बना अंडरपास और मांगलिया से आने वाली द एक्जॉटिका रोड का अंडरपास शामिल है। बिचौली हप्सी का अंडरपास केवल 2 से ढाई मीटर ऊंचा है, जिस कारण बड़ी गाड़ियां यहां से नहीं निकल पातीं। वहीं डीपीएस अंडरपास पर एमआर-10 जंक्शन का सारा ट्रैफिक डायवर्ट होता है, जिससे स्कूल बसों और मैरिज गार्डन के आयोजनों के दौरान दबाव और बढ़ जाता है।
मांगलिया अंडरपास पर सबसे ज्यादा दबाव
मांगलिया अंडरपास ग्रामीण इलाकों और शहर को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। इस रास्ते से राहूखेड़ी गांव, सांवेर और उज्जैन जाने वाला ट्रैफिक भी गुजरता है। यहां न केवल स्थानीय वाहन चलते हैं बल्कि बायपास पर होने वाले बड़े म्यूजिकल इवेंट्स के दौरान 1 से 2 किलोमीटर तक जाम लग जाता है। इन सभी कारणों से एनएचएआई ने तय किया है कि संकरे और पुराने बोगदों को हटाकर उनकी जगह आधुनिक फ्लायओवर बनाए जाएंगे, जिससे ट्रैफिक का दबाव कम हो सके और लोगों को राहत मिले।