भावातांर योजना में मिली लापरवाही
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प्रदेश में इंदौर सहित अन्य जिलों की मंडियों में किसानों से खरीदी शुरू हो गई है। सरकार ने मंडियों में किसानों के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, लेकिन कई सरकारी अफसर इसे हल्के में ले रहे थे। सांवेर मंडी में सहायक यंत्री मनोज चौधरी को यह लापरवाही भारी पड़ गई। उन्होंने न तो व्यवस्थाएं जुटाईं और जब कलेक्टर शिवम वर्मा सांवेर मंडी का दौरा करने पहुंचे तो वे वहां मौजूद भी नहीं थे। नाराज कलेक्टर ने उन्हें निलंबित करने के निर्देश मंडी बोर्ड के वरिष्ठ अफसर को दिए।
कलेक्टर जब मंडी पहुंचे तो उन्हें किसानों के विश्राम गृह, शौचालय व भोजन की व्यवस्थाएं ठीक से नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने मंडी की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारी के बारे में पूछा तो चौधरी नदारद मिले। इस संबंध में कलेक्टर ने मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक को प्रतिवेदन प्रेषित किया। इस प्रतिवेदन के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
बता दें इंदौर में भावांतर योजना के तहत मंडियों में सोयाबीन की खरीदी शुरू हो गई है। इंदौर जिले की गौतमपुरा मंडी में साढ़े 400 टन से ज्यादा की आवक हुई, जो पूरे प्रदेश में अधिक रही है। मंडियों में अपनी उपज बेचने के लिए आ रहे किसानों की भीड़ भी ज्यादा जुट रही है। इंदौर जिले की मंडियों में दूसरी मंडियों की तुलना में ज्यादा भीड़ है। इस कारण मंडी की व्यवस्था पर अफसर ज्यादा निगरानी रख रहे हैं।