NEET UG परीक्षा के दौरान बिजली गुल होने के मामले में गुरुवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हालांकि इस दिन अदालत में ज्यादा बहस नहीं हो सकी। कोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख सोमवार, 9 जून तय की है। इस दिन दोनों पक्षों के बीच अंतिम बहस होगी और उसी दिन निर्णय आने की संभावना भी जताई जा रही है। परीक्षा दोबारा कराने का मौका मिलेगा या नहीं, इसका फैसला इसी अंतिम सुनवाई में होगा। इस निर्णय पर 2000 से अधिक प्रभावित स्टूडेंट्स की निगाहें टिकी हुई हैं।
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याचिकाकर्ता की मांग: रिजल्ट टालने और CCTV फुटेज देने की गुहार
इससे पहले याचिकाकर्ता विद्यार्थियों की ओर से अधिवक्ता मृदुल भटनागर ने हाईकोर्ट में एक आवेदन दायर किया था। इसमें NEET UG के परिणाम की तिथि आगे बढ़ाने और परीक्षा के दौरान तेज आंधी और बारिश से बिजली गुल होने की स्थिति को स्पष्ट करने हेतु CCTV फुटेज उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। 29 मई को इन बिंदुओं पर बहस होनी थी, लेकिन तकनीकी कारणों के चलते बहस नहीं हो सकी थी। इन मांगों को लेकर छात्र पक्ष ने अदालत से समय की मांग भी की थी।
26 मई को हुई थी महत्वपूर्ण सुनवाई, NTA ने मांगा था समय
इससे पहले 26 मई को हुई सुनवाई में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता वर्चुअली उपस्थित हुए थे। उन्होंने NTA का पक्ष रखा, वहीं याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता मृदुल भटनागर ने पुनः जवाब (रिजाइंडर) पेश किया था। इसके बाद NTA ने अदालत से कुछ और समय की मांग की थी। NTA ने इस बीच एक जांच समिति गठित करने की बात भी कही थी और उस समिति की रिपोर्ट अदालत में पेश की थी। सुनवाई शुरू होने से पहले ही भारत सरकार के सॉलिसिटर ने वर्चुअल रूप से उपस्थित होकर कोर्ट से समय मांगा था।
NTA का जवाब: परीक्षा पर केंद्रों की संख्या को लेकर बदलाव
NEET UG का परिणाम 14 जून को आने की संभावना है। पहले दाखिल किए गए जवाब में NTA ने बताया था कि इंदौर के 24 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा प्रभावित हुई है। लेकिन 26 मई को दिए गए नए उत्तर में कहा गया कि इंदौर के 18 और उज्जैन के 6 केंद्रों पर परीक्षा प्रभावित हुई थी। इन केंद्रों पर कुल मिलाकर 2 हजार से अधिक छात्रों ने परीक्षा दी थी। इस वर्ष इंदौर से कुल 27 हजार विद्यार्थियों ने NEET UG परीक्षा में भाग लिया, जिनके लिए इंदौर में कुल 49 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।