नगर कीर्तन की शुरुआत गुरुद्वारा इमली साहिब से हुई। राजवाड़ा, शास्त्री ब्रिज, रीगल तिराहा, आर.एन.टी.मार्ग, पटेल ब्रिज, जवाहर मार्ग रोड से होकर वापस गुरुद्वारा इमली साहिब पर समाप्त हुआ। नगर कीर्तन में शहर के सभी गुरुद्वारों के जत्थे शामिल हुए।
श्री गुरु नानक देव जी महाराज के 556वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में रविवार को इंदौर में पारंपरिक नगर कीर्तन निकाला गया। इसकी शुरुआत जवाहर मार्ग गुरुद्वारा से की गई। जगह-जगह स्वागत के लिए मंच लगे थे। बड़ी संख्या में सिख समाजजन सफेद वेशभूषा में नगर कीर्तन में शामिल हुए।
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रविवार को ट्रैफिक कम रहता है। इस कारण सुबह नगर कीर्तन निकला। इस दौरान एक मरीज को एम्बुलेंस ले जा रही थी। जुलूस को रोककर एम्बुलेंस को रास्ता दिया गया। जुलूस के पीछे समाज के लोग सड़क की सफाई भी करते हुए चल रहे थे। यातायात बाधित न हो, इसके लिए पार्किंग भी गुरुद्वारे से दूर कराई गई।
नगर कीर्तन की शुरुआत गुरुद्वारा इमली साहिब से हुई। राजवाड़ा, शास्त्री ब्रिज, रीगल तिराहा, आर.एन.टी.मार्ग, पटेल ब्रिज, जवाहर मार्ग रोड से होकर वापस गुरुद्वारा इमली साहिब पर समाप्त हुआ। नगर कीर्तन में राऊ, बेटमा साहिब और शहर के सभी गुरुद्वारों के शब्दी जत्थे शामिल हुए। पुरुष सफेद ड्रेस और बसंती पगड़ी में, जबकि महिलाएं सफेद परिधानों और बसंती दुपट्टे में थीं। नगर कीर्तन का कई स्थानों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। नगर कीर्तन में कई पुरुष और महिलाएं हाथों में झाड़ू लेकर नंगे पैर सबसे आगे रोड की सफाई करते हुए चल रहे थे।
नगर कीर्तन के दौरान, जब रीगल तिराहे पर एमजी रोड की ओर से एक एम्बुलेंस आई, तो वहाँ मौजूद समाज के युवाओं ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए एम्बुलेंस को रास्ता दिया। उन्होंने नगर कीर्तन में शामिल लोगों को एक तरफ रोककर एम्बुलेंस को हाईकोर्ट तिराहे की तरफ रवाना करवाय। जुलूस के दौरान समाज के युवा ट्रैफिक भी संभालते हुए चल रहे थे।