इंदौर के एम. वाय. अस्पताल में हाल ही में हुई दर्दनाक घटनाओं ने पूरे प्रदेश को हिला दिया है। दो नवजात बच्चों को अस्पताल में चूहों द्वारा कुतरने के बाद उनकी मौत हो गई थी। इस मामले ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए। घटना के बाद कांग्रेस और जयस ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और अस्पताल प्रशासन पर कार्रवाई की मांग तेज कर दी। इसी विरोध और हमलों के बीच अब अस्पताल प्रबंधन में अहम बदलाव किया गया है।
डॉ. महेश कछारिया बने असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट
इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासन ने कदम उठाते हुए डॉ. महेश कछारिया को एम. वाय. अस्पताल का नया असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट नियुक्त किया है। डॉ. कछारिया पहले भी अस्पताल प्रबंधन से जुड़े रहे हैं और उन्हें अनुभवशील डॉक्टर माना जाता है। उम्मीद की जा रही है कि उनकी नियुक्ति के बाद अस्पताल की व्यवस्था में सुधार होगा और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
एजाइल कंपनी के कामों का भी जिम्मा
डॉ. कछारिया को अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी के साथ-साथ एजाइल कंपनी से जुड़े कामों का प्रभार भी सौंपा गया है। एजाइल कंपनी अस्पताल में कई सेवाओं और व्यवस्थाओं को संभालती है। ऐसे में अब उनकी निगरानी और नियंत्रण की जिम्मेदारी भी डॉ. कछारिया पर होगी। माना जा रहा है कि इस कदम से अस्पताल की सफाई व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य प्रशासनिक कामकाज पर और ज्यादा ध्यान दिया जाएगा।
विरोध के बीच लिया गया फैसला
कांग्रेस और जयस के नेताओं ने आरोप लगाया था कि एम. वाय. अस्पताल में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। नवजातों की मौत के बाद प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल प्रशासन पर कठोर कार्रवाई की मांग की थी। इस दबाव के बीच प्रशासन ने तुरंत बदलाव का फैसला लिया। अब देखना होगा कि डॉ. महेश कछारिया की नियुक्ति के बाद अस्पताल की स्थिति में कितना सुधार आता है और मरीजों को कितनी राहत मिलती है।