इंदौर में सुबह से तेज गर्मी और धूप ने लोगों को परेशान कर रखा है।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
नगर निगम अब अपनी आय बढ़ाने के लिए पूरी तरह से जुटा हुआ है और इस दिशा में उसने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाल ही में समाप्त हुए वित्त वर्ष में पहली बार निगम ने एक हजार करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व अर्जित किया है, जिसमें से आधी राशि सम्पत्ति कर से प्राप्त हुई है। हालांकि, अभी तक प्राधिकरण से राजस्व का पूरा हिसाब-किताब नहीं हो पाया है। यह आय नगर निगम के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई है।
जीआईएस सर्वे की प्रक्रिया
नगर निगम ने राजस्व विभाग के माध्यम से जीआईएस सर्वे के टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इस सर्वे का उद्देश्य एक लाख से अधिक नई सम्पत्तियों की पहचान करना है, जो अभी तक निगम के रिकॉर्ड में नहीं आई हैं। इसके अलावा, 29 गांवों के साथ-साथ शहर के कई पुराने और बड़े भूखंडों पर विगत दो-तीन वर्षों में कई बहुमंजिला इमारतों का निर्माण हुआ है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस प्रयास को नगर निगम को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री के साथ चर्चा
महापौर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है कि हम नगर निगम को आत्मनिर्भर बनाने के हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में भोपाल में विभागीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ महापौरों की एक बैठक हुई, जिसमें मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों को अपनी आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने के निर्देश दिए हैं। महापौर के अनुसार, इस वित्त वर्ष में नगर निगम राजस्व वसूली के नए रिकॉर्ड कायम करेगा, और निगम को उम्मीद है कि आने वाले समय में आय में और भी वृद्धि होगी।
सम्पत्ति कर वसूली में सख्ती
हाल ही में समाप्त हुए वित्त वर्ष में आयुक्त शिवम वर्मा और राजस्व अमले ने बकायादारों के खिलाफ सख्ती से वसूली की। इसमें जब्ती, कुर्की और अन्य कड़ी कार्रवाई की गई है। नगर निगम के राजस्व विभाग के अनुसार, वर्तमान में कुल 6 लाख 80 हजार सम्पत्ति कर खाते हैं, जिसमें आवासीय, व्यवसायिक, औद्योगिक सहित सभी श्रेणियों की सम्पत्तियां शामिल हैं। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में शहर में तेजी से आबादी बढ़ी है और नए निर्माण भी हुए हैं, खासकर कोविड के बाद, जिसके कारण निगम को उम्मीद है कि 1 लाख से अधिक सम्पत्तियां अब भी निगम के रिकॉर्ड में नहीं आई हैं। इन सम्पत्तियों से सम्पत्ति कर प्राप्त करने के लिए नगर निगम ने जीआईएस सर्वे कराने का निर्णय लिया है, जिसके टेंडर जल्द ही जारी किए जाएंगे।