इंदौर नगर निगम में प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की गई है। नगर निगम में कार्यरत सहायक प्रभारी सिटी फॉरेस्ट मितुल सोनी, जिनका मूल पद स्वच्छता निरीक्षक है, को नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सोनी पर आरोप है कि उन्होंने अपने शासकीय पद का दुरुपयोग करते हुए सिटी फॉरेस्ट से नगर निगम के अधिपत्य की बेशकीमती लकड़ी बेचने का काम किया। इस पूरे मामले की वजह से नगर निगम को वित्तीय क्षति पहुंची है। निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने सोनी को निलंबित करने के साथ ही इस पूरे प्रकरण की विस्तृत विभागीय जांच के भी कड़े आदेश जारी कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद सामने आया मामला
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब मितुल सोनी द्वारा सिटी फॉरेस्ट से नगर निगम के स्वामित्व की लकड़ी बेचने संबंधी जानकारी और एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस वीडियो के सामने आने और सहायक प्रभारी सिटी फॉरेस्ट की इसमें सीधी संलिप्तता होने की जानकारी विभिन्न समाचार माध्यमों में प्रमुखता से प्रसारित हुई। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, शासकीय सेवा में रहते हुए इस तरह की गतिविधियों में शामिल होना बेहद गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है। यह कृत्य प्रथम दृष्टया सीधे तौर पर भ्रष्टाचार में संलिप्तता को उजागर करता है, जिसके बाद प्रशासन ने यह सख्त रुख अपनाया है।
सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन पर निलंबन आदेश जारी
नगर निगम प्रशासन के मुताबिक, मितुल सोनी का यह कृत्य पूरी तरह से नगर निगम के हितों के प्रतिकूल और विपरीत पाया गया है। उनका यह व्यवहार मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के प्रावधानों के पूरी तरह से विपरीत और नियमों का खुला उल्लंघन है। इसी के चलते मामले की गंभीरता को देखते हुए सोनी को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर पूरे मामले की निष्पक्ष व गहन जांच करने के अंतिम आदेश जारी कर दिए गए हैं।