MPPSC के अभ्यर्थियों ने गुरुवार को भी अपना प्रदर्शन जारी रखा। रातभर से कड़ाके की ठंड के बाद भी गुरुवार को अभ्यर्थी मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग इंदौर ऑफिस के बाहर बैठे हैं। बुधवार को यह आंदोलन शुरू हुआ था। इंदौर में पिछले 26 घंटे से यह आंदोलन जारी है। गुरुवार दोपहर भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी यहां पहुंचे और नारेबाजी की। रातभर से बैठे छात्रों ने कहा कि वे अब आमरण अनशन करेंगे और पूरे प्रदेश के छात्र उनके साथ हैं।
गुरुवार शाम को पीसीसी चीफ जीतू पटवारी भी अभ्यर्थियों मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि, एमपीपीएससी में 100 नंबर के पेपर में 101 नंबर आ रहे हैं, ये धांधली नहीं तो क्या है। यहां कोई भी परीक्षा बिना भ्रष्टाचार के नहीं होती है। सब अधिकारी भ्रष्टाचार करके नंबर देते हैं। 2019 से कॉपी क्यों नहीं दे रहे? उन्होंने कहा कि ये कैसे हठधर्मिता है कि पांच लाख बच्चे हर साल तैयारी करते हैं और वैकेंसी निकलती है 110 की। जबकि सरकार ढाई लाख लोगों के लिए नौकरी की बात करती है। पिछले मुख्यमंत्री भी भाषण दे देकर चले गए। और हर साल चार-पांच लाख बच्चे ओवरएज हो जाते हैं।
सुंदर कांड का पाठ किया
गुरुवार को पुलिस ने छात्रों को स्पीकर और माइक का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी। पुलिस ने कहा कि आयोग में इंटरव्यू चल रहे हैं इसलिए स्पीकर नहीं लगा सकते। उनका कहना है की जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। छात्र अब वे आमरण अनशन की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने सभी कोचिंग संस्थानों से बंद की भी अपील की। ये प्रदर्शन नेशनल एजुकेडेट यूथ यूनियन के बैनर तले हो रहा है। छात्रों द्वारा दोपहर में हनुमान जी की फोटो स्थापित कर सुंदर कांड पाठ चालू किया गया है। छात्रों का मनोबल दोगुना है। नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन के पदाधिकारी बोले- जब तक आयोग की वेबसाइट पर हमारी मांगे जारी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
रजाई गद्दे लेकर आए, खाना भी वहीं पर
अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन के बैनर तले एमपीपीएससी के अभ्यर्थी बुधवार सुबह 10 बजे डीडी पार्क पर एकत्रित हुए थे। हजारों की संख्या में अभ्यर्थी सड़कों पर उतरे और एमपीपीएससी न्याय यात्रा के रूप में वे विभिन्न मार्गों से होते हुए मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के दफ्तर पहुंचे। अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही यहां पर बैरिकेडिंग कर रखी थी। यूनियन के पदाधिकारियों का कहना था कि आयोग के अधिकारी बाहर आकर उनसे मिले। साथ ही उनकी मांगों का निराकरण करने के लिए लिखित आश्वासन में दिया जाए लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसके चलते अभ्यर्थी आयोग के दफ्तर के बाहर ही सड़क पर धरने पर बैठ गए। रातभर कड़ाके की ठंड में वे बाहर बैठे रहे। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आयोग दफ्तर के बाहर डटे हुए हैं। छात्रों ने रजाई, गद्दे कार्यालय के सामने ही लगवा लिए हैं। खाने की भी व्यवस्था वहीं पर कई गई है। छात्र अपने साथियों के लिए घरों से भोजन बनाकर ला रहे हैं।
इन मांगों को लेकर कर रहे प्रदर्शन
- 2019 में मुख्य परीक्षा (Mains) की कॉपियां दिखाई जाए और मार्क शीट जारी की जाए।
- MPPSC 2025 में राज्य सेवा में 700 और वन सेवा में 100 पदों के साथ नोटिफिकेशन जारी हो।
- 2023 राज्य सेवा मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी किया जाए।
- 87/13 फार्मूला खत्म करके सभी परिणाम 100 प्रतिशत पर जारी किए जाए।
MPPSC की भर्ती प्रक्रिया में नए सुधार जैसे
प्रारंभिक परीक्षा में UPSC की तरह एक भी प्रश्न गलत न बनाए जाए, नेगेटिव मार्किंग शुरू की जाए। CGPSC की तरह मुख्य परीक्षा की कॉपी जांची जाए। इंटरव्यू के मार्क्स कम करके बिना कैटेगरी और सरनेम के वीडियो रिकॉर्डिंग साथ आयोजित हो।