केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान दिलीप वेंगसरकर के आतिथ्य में एमपीसीए द्वारा तैयार क्रिकेट संग्रहालय का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर सिंधिया ने कहा कि कई लोगों ने लंबे समय मेहनत की तब जाकर यह संग्रहालय बन पाया है। इसमें मौजूद अद्भुत चीजें देश के युवाओं को हमेशा बेहतर करने के लिए प्रेरित करती रहेंगी। हमने दुनियाभर के क्रिकेट सितारों की नायाब चीजों को यहां पर संग्रहित किया है। इसके लिए हमें बहुत प्रयास करने पड़े पर आज जो बनकर सामने आया है वह अद्भुत है। हमने होलकर कालीन इतिहास से आज तक के क्रिकेट सितारों की यादों को यहां पर संजोया गया है।
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सदस्यों ने किया था विरोध
सिंधिया ने कहा कि जब यह संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव आया तक एमपीसीए के सदस्यों ने इसका भारी विरोध किया था। यहां पर एक लोकतांत्रिक व्यवस्था है और इसी के तहत काम होता है। हमने सभी सदस्यों को इसका महत्व बताया और आज जब यह बनकर पूरा तैयार हो चुका है तो हर शख्स इसकी तारीफ कर रहा है।
प्रवेश द्वार पर मिलते हैं ट्राफी लिए कपिल देव
होलकर स्टेडियम में बनाए गए संग्रहालय का प्रवेश लार्ड्स की बालकनी की तर्ज पर है, जहां भारतीय टीम ने 1983 में विश्व कप जीता था। बालकनी में कपिल देव हाथों में ट्राफी लिए नजर आ रहे हैं। संग्रहालय में देश के पहले कप्तान कर्नल सीके नायडू, कैप्टन मुश्ताक अली सहित होलकर कालीन क्रिकेट से जुड़ी बहुत सी चीजे संजोई गई हैं। इसके अलावा कई पूर्व क्रिकेटरों के बल्ले सहित अन्य सामान भी यहां देखने को मिलेंगे। कुछ बल्ले भी हैं जिन पर बीते दौर के खिलाड़ियों के हस्ताक्षर हैं। मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन लंबे समय से संग्रहालय बनाने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए सामान भी विभिन्न माध्यमों से इकट्ठा किया गया है। प्रस्तावित योजना इसे एक ऐसे खेल पर्यटन सेंटर के रूप में तैयार करने की है, जिसे देखने इंदौर में लोग आएं।
वेंगसरकर बोले इंदौर को दुनियाभर में नई पहचान मिलेगी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व कप्तान वेंगसरकर भी 1983 की विश्व विजेता भारतीय टीम के सदस्य रहे हैं। कर्नल के नाम से लोकप्रिय वेंगसरकर ने कहा कि यह सच में अद्भुत है। दुनियाभर में मौजूद क्रिकेट संग्रहालयों से भी यह कई मायनों में बेहतर है। इसमें दुनियाभर के क्रिकेट सितारों की चीजों को संजोया गया है। इस संग्रहालय की वजह से इंदौर को नई पहचान मिलेगी। दुनियाभर के लोग जब भी यहां पर आएंगे तो इस संग्रहालय को जरूर देखेंगे।