फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indore News: पवित्र शहरों में शराबबंदी से होने वाले घाटे की भरपाई करेगा इंदौर, 300 करोड़ ज्यादा कमाकर देगा

Sat, 15 Feb 2025 04:38 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला ,इंदौर

सार

Indore News: मोहन सरकार की नई आबकारी नीति 1 अप्रैल से लागू होगी, जिसमें पवित्र शहरों में शराबबंदी का निर्णय लिया गया है। इससे होने वाले 500 करोड़ के घाटे की भरपाई इंदौर जैसे बड़े शहरों में 20% लाइसेंस फीस बढ़ाकर की जाएगी।
विज्ञापन
Indore News - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यह पहली बार हुआ है जब किसी नीति को कैबिनेट में दूसरी बार मंजूरी के लिए प्रस्तुत करना पड़ा। पिछली कैबिनेट बैठक में आबकारी नीति को स्वीकृति दी गई थी, लेकिन कई प्रावधान छूट गए थे, जिन्हें अब संशोधित करके शामिल कर लिया गया है। शासन ने इस संबंध में कल ही नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह किया गया है कि पवित्र शहरों में शराबबंदी लागू होगी। इस फैसले के कारण अनुमानित 500 करोड़ रुपए के राजस्व घाटे की भरपाई के लिए इंदौर जैसे बड़े शहरों में शराब की दुकानों की लाइसेंस फीस 20% बढ़ा दी जाएगी। इस वृद्धि के कारण इंदौर जिले में स्थित 174 शराब दुकानों का आरक्षित मूल्य बढ़कर लगभग 1800 करोड़ रुपए तक पहुंचने की संभावना है।

एक अप्रैल से मिनी बार की भी अनुमति

विज्ञापन

मोहन सरकार की नई आबकारी नीति 1 अप्रैल से प्रभावी होगी, जिसमें शराब के मिनी बार को भी अनुमति दी जाएगी, जहां रेडी टू ड्रिंक उत्पाद उपलब्ध होंगे। इंदौर जैसे जिले में बीते वर्षों में शराब की दुकानों की नीलामी अत्यधिक महंगी हो गई है, और कई मामलों में यह प्रक्रिया आखिरी तक जारी रहती है। पिछले वर्ष भी इस क्षेत्र में 13.7% राजस्व वृद्धि दर्ज की गई थी, जबकि सरकार का लक्ष्य 20% रखा गया था। आबकारी विभाग को शराब की दुकानों से मिलने वाला राजस्व बीते वर्ष 1485 करोड़ रुपए रहा, जो कि उसके पूर्व वर्ष के 1312 करोड़ रुपए से अधिक था। इस बार यह 1800 करोड़ यानी 300 करोड़ रुपए से अधिक जाने का अनुमान है। 

इंदौर जिले में कुल 174 देसी और विदेशी शराब की दुकानें हैं
गत वर्ष आबकारी विभाग ने 64 समूह बनाकर शराब दुकानों की टेंडर प्रक्रिया संपन्न कराई थी। इस बार भी सरकार ने 20% राजस्व वृद्धि का लक्ष्य तय किया है, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि इंदौर जिले में शराब ठेकों का कुल मूल्य 1800 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। हालांकि, इस लक्ष्य को पूरा करना आसान नहीं होगा। इंदौर जिले में कुल 174 देसी और विदेशी शराब की दुकानें हैं, जिनमें से कुछ अत्यधिक महंगी हैं। योजना क्रमांक 54, भमोरी सहित कई शराब की दुकानें ऐसी हैं जिनकी नीलामी सबसे ऊंची दरों पर होती है और इनकी लाइसेंस फीस 55 से 60 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है।

20 प्रतिशत अधिक शुल्क देने पर दुकान का नवीनीकरण होगा

विज्ञापन

नई नीति के तहत, यदि मौजूदा ठेकेदार 20% अधिक शुल्क चुकाने को तैयार होते हैं, तो उनकी दुकान का नवीनीकरण किया जा सकता है। साथ ही, जिले के लिए तय कुल आरक्षित मूल्य का 80% तक नवीनीकरण होना अनिवार्य होगा। यदि यह लक्ष्य पूरा नहीं हुआ तो ई-टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी, ताकि सरकार को अधिकतम राजस्व प्राप्त हो सके।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें