बेबाक अंदाज के लिए हमेशा चर्चा में रहने वाले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शनिवार को अपने विधानसभा क्षेत्र के एक कार्यक्रम में कहा, मैं मुंह पर बोलता हूं, किसी को बुरा लगे तो लगे। सत्तर साल का हो गया हूं, यूं ही सठिया गया हूं। किसी को बुरा लगे तो लगे, अपने को क्या फर्क पड़ता है।
वे जब यह बात बोल रहे थे, तब मंच पर मेयर पुष्यमित्र भार्गव सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। विजयवर्गीय के इस बयान के लोग राजनीतिक मायने निकाल रहे हैं। पिछले दिनों मंच से ही विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री के सामने मेयर पुष्यमित्र भार्गव से कहा था, आजकल आप काफी व्यस्त रहने लगे हो। हमारी बैठकों में भी नहीं आ रहे हो। इसके अलावा उन्होंने लव जिहाद, नशे और सामाजिक बुराइयों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की।
अहिल्या आश्रम में बने पीएम राइज स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री विजयवर्गीय ने यह बात कही। उन्होंने छात्राओं से कहा कि किसी भी लड़के से दोस्ती सोच-समझकर करना जरूरी है। कई बार लोग अपनी असली पहचान छिपा लेते हैं और गलत नाम बताकर दोस्ती करते हैं। बाद में जब सच्चाई सामने आती है, तब परेशानी होती है। इसलिए सतर्क रहने की जरूरत है।
नशे को लेकर उन्होंने कहा कि यदि कोई भाई नशा करता है, तो रक्षाबंधन पर बहनें उसे राखी नहीं बांधने का संकल्प लें। भाई से कहें कि जब तक वह नशा नहीं छोड़ेगा, तब तक राखी नहीं बांधेंगी। परिवार यदि ठान ले, तो नशे की आदत छुड़ाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।कार्यक्रम में विजयवर्गीय ने अन्य विषयों पर भी बात की और स्कूली बच्चों के लिए वाटर कूलर भी वितरित किए।