निगम ने शहर में सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत मूसाखेड़ी और बाणगंगा क्षेत्रों में रिमूवल कार्रवाई की। मास्टर प्लान 2021 के तहत मूसाखेड़ी में 17 दुकानों को जेसीबी से हटाया गया। वहीं बाणगंगा में सड़क बाधक 7 मकानों के अवैध हिस्से ध्वस्त किए गए।
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भारी पुलिस बल के बीच चला जेसीबी का पंजा। फोटो- जयेश मालवीय।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
इंदौर शहर के विकास और यातायात सुधार के लिए इंदौर नगर निगम की ओर से बुधवार के दिन बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। शहर के दो अलग-अलग क्षेत्रों में सड़क चौड़ीकरण के काम में आ रही रुकावटों को हटाने के लिए नगर निगम के रिमूवल अमले ने अपनी टीमें भेजीं। इस दौरान एक तरफ मूसाखेड़ी क्षेत्र में दुकानें हटाई गईं, तो दूसरी तरफ बाणगंगा में रिहायशी मकानों के आगे निर्मित अवैध ढांचों को ध्वस्त किया गया।
देखते ही देखते ढहा दिए गए बड़े निर्माण।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
मूसाखेड़ी में मास्टर प्लान के तहत सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई की गई
इंदौर विकास योजना 2021 के तय मानकों के अनुसार मूसाखेड़ी चौराहे से लेकर सांवरिया धाम मंदिर तक के मार्ग को 45 मीटर चौड़ा किया जाना प्रस्तावित है। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के सख्त निर्देशों के बाद जोन 18 तथा वार्ड 51 की संयुक्त रिमूवल टीम इस मार्ग पर पहुंची। मार्ग के निर्माण और विस्तार के बीच 17 दुकानें सीधी बाधक बनी हुई थीं। निगम कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर पहले फीते की सहायता से पूरी नपती की और चिन्हित निर्माणों की सीमा तय की। इसके बाद किसी भी विरोध की आशंका को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया। दो से अधिक जेसीबी मशीनों की मदद से देखते ही देखते सभी 17 दुकानों के अवैध हिस्सों और निर्माणों को जमींदोज कर दिया गया। इस पूरी कार्रवाई को देखने के लिए स्थानीय निवासियों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। हालांकि निगम अधिकारियों ने पूरी कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाया।
बाणगंगा के कुम्हार खाड़ी इलाके में अवैध हिस्सों पर एक्शन
सड़क विस्तार की दूसरी बड़ी कार्रवाई बाणगंगा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कुम्हार खाड़ी इलाके में संचालित की गई। इस मार्ग पर भी प्रस्तावित सड़क निर्माण में कई मकानों का निर्माण कार्य बाधा पैदा कर रहा था। निगम की टीम तीन जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची और कुल 7 मकानों के आगे निकले हुए अवैध हिस्सों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की। हालांकि कार्रवाई की पूर्व सूचना मिलने के कारण कई मकान मालिकों ने निगम के पहुंचने से पहले ही स्वयं अपने स्तर पर पक्के हिस्से हटा लिए थे। इसके बावजूद जो बाधक हिस्से बाकी रह गए थे, उन्हें निगम अमले ने जेसीबी की सहायता से पूरी तरह गिरा दिया।