इंदौर क्राइम ब्रांच ने एक गंभीर ठगी के मामले में कार्रवाई करते हुए विजयनगर स्थित भाग्यश्री कॉलोनी की 30 वर्षीय महिला की शिकायत पर आरोपी जितेंद्र के खिलाफ जालसाजी का प्रकरण दर्ज किया है। आरोपी ने खुद को इंडियन नेवी का अधिकारी बताकर महिला से दोस्ती की और बाद में बीमारी और आर्थिक तंगी का बहाना बनाकर 26 लाख 85 हजार रुपए की ठगी कर ली। आरोपी ने खुद को ब्लड कैंसर का मरीज बताया था। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिलने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम भेजी गई है।
शादी के नाम पर की गई ठगी
महिला ने शादी के लिए एक वेबसाइट पर प्रोफाइल बनाई थी, जिसके माध्यम से फरवरी 2024 में आरोपी जितेंद्र से संपर्क हुआ। उसने बातचीत के लिए महिला से वॉट्सएप नंबर लिया और कॉल व मैसेज के माध्यम से बातचीत शुरू की। जितेंद्र ने खुद को भारतीय नौसेना में कार्यरत बताते हुए महिला का विश्वास जीता और शादी के लिए इच्छुक होने का दावा किया। महिला ने उससे अपने परिवार की कोई जानकारी साझा नहीं की थी। धीरे-धीरे दोस्ती गहरी होने पर आरोपी ने पारिवारिक परेशानियों और ब्लड कैंसर की बात कहकर पैसों की मांग शुरू कर दी।
नेट बैंकिंग से भेजे पैसे:
एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि आरोपी ने महिला से वादा किया था कि वह थोड़े समय में पैसे वापस कर देगा। भरोसे में आई महिला ने नेट बैंकिंग और अन्य माध्यमों से कई किस्तों में कुल 26 लाख 85 हजार रुपए आरोपी को भेज दिए। समय बीत जाने के बाद जब पैसे वापस नहीं मिले, तो महिला ने जब रुपए लौटाने की बात की, तब आरोपी ने न केवल वेबसाइट पर अपनी प्रोफाइल ब्लॉक कर दी बल्कि मोबाइल कॉल्स उठाना भी बंद कर दिया।
एफआईआर दर्ज, आरोपी की तलाश जारी
जब महिला को इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई समझ आई, तो उसने तुरंत क्राइम ब्रांच से संपर्क कर पूरा मामला दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी जितेंद्र के खिलाफ फर्जी प्रोफाइल बनाकर धोखाधड़ी करने का केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी तलाश के लिए पुलिस ने विशेष टीम तैनात कर दी है। पुलिस अब आरोपी की डिजिटल ट्रांजेक्शन डिटेल्स और कॉल रिकॉर्ड्स के आधार पर छानबीन कर रही है।