मेजर हमजा के परिजनों की आंखें नम हो गईं।
- फोटो : amar ujala
पत्नी को सौंपा तिरंगा
शव दफनाने से पहले पार्थिव देह से तिरंगे को हटाकर सम्मान के साथ मेजर हमजा की पत्नी को सौंपा गया। पत्नी की आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे। मेजर हमजा के परिजनों की आंखें भी नम थीं।
रात को सेना के वाहन से पहुंची थी पार्थिव देह
मेजर हमजा के परिजन सेना के विशेष वाहन में पार्थिव देह को सड़क मार्ग से लेकर शनिवार सुबह जैसलमेर से निकले थे। देर रात शव इंदौर पहुंचा। सबसे पहले वाहन महू छावनी पहुंचा। वहां मेजर हमजा को श्रद्धांजलि देने के बाद पार्थिव देह को उनके निवास पर लाया गया।
ऊंट से टकराकर पलट गया था वाहन
गुरुवार देर रात ड्यूटी पूरी कर लौटते समय सेना की टाटा सफारी अचानक सड़क पर आए ऊंट से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन पांच बार पलट गया। हादसे में मेजर हमजा की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल लेफ्टिनेंट आयुष्मान और लेफ्टिनेंट अभिनव राठौड़ का इलाज चल रहा है।