इंदौर के ऐतिहासिक लालबाग पैलेस में स्थित तारामंडल, जो पिछले तीन सालों से बंद पड़ा है, अब फिर से शुरू होने की तैयारी में है। प्रदेश सरकार और इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर द आर्ट्स (IGNCA) द्वारा लालबाग पैलेस के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए 5 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं, जिसमें तारामंडल को फिर से प्रारंभ करने की योजना भी शामिल है। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह जीर्णोद्धार प्रोजेक्ट तीन साल तक चलेगा और अब तक इसका 30% काम पूरा किया जा चुका है। यह प्रोजेक्ट अगले दो वर्षों तक जारी रहेगा, और इसके तहत तारामंडल को भी आधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया जाएगा।
तीन साल पहले तारामंडल को ऑपरेट करने वाले कर्मचारी को कैंसर हो गया था, जिसके कारण इसका संचालन बंद कर दिया गया था। बाद में विभाग ने अन्य कर्मचारियों से इसे संचालित करवाने की कोशिश की, लेकिन कोई भी इसे सही तरीके से नहीं चला पाया। इस वजह से तारामंडल पर ताला लग गया और तब से यह बंद पड़ा है।
लालबाग पैलेस में वर्तमान में जो तारामंडल है, वह पुरानी तकनीक पर आधारित है और इसे मैन्युअली संचालित करना पड़ता है। अब इसे पूरी तरह से डिजिटल सिस्टम से अपग्रेड किया जाएगा, जिससे संचालन आसान हो जाएगा और दर्शकों को एक बेहतर अनुभव मिलेगा। वर्तमान में तारामंडल एक छोटे से कमरे में स्थित है, जहां बहुत सीमित संख्या में लोग एक साथ बैठ सकते हैं। लेकिन नई योजना के तहत इसे बड़े हॉल या किसी अन्य स्थान पर संचालित करने पर विचार किया जा रहा है।
संभावना यह भी है कि इसे लालबाग पैलेस के बाहर शिफ्ट कर एक नए स्थान पर विकसित किया जाए, जहां अधिक दर्शक इसे देख सकें। इसके लिए उपयुक्त स्थान का चयन किया जाएगा और वहां शेड आदि का निर्माण किया जाएगा। साथ ही, इसकी टिकट दरों को भी नए सिरे से तय किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।