दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इंदौर से खालिस्तानी आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। उसने इंदौर में पहचान छिपाते हुए क्रेन ऑपरेटर की नौकरी पकड़ ली और एक निर्माणाधीन इमारत में काम कर रहा था। पुलिस ने बताया कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से आतंकियों के संपर्क में था और लगातार निर्देश प्राप्त कर रहा था। तीन महीने के अंदर यह दूसरी बड़ी घटना सामने आई है। इंदौर पुलिस, प्रशासन और खुफिया तंत्र इससे पहले मेट्रो के कर्मचारियों के मामले में भी सुरक्षा के पहलू से फेल साबित हुआ था। मेट्रो के कर्मचारी पकड़ाए थे जो पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की एक वीडियो भी सामने आया था। इसके बाद एक आरोपी मोहम्मद जावेद को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में भी प्रशासन बहुत देर से जागा था और बाद में मेट्रो के सभी कर्मचारियों की पहचान का सत्यापन करवाया गया था।
आतंकी की पहचान आकाशदीप उर्फ बाज के रूप में हुई
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के डीसीपी अमित कौशिक ने जानकारी दी कि पकड़ा गया आतंकी आकाशदीप सिंह उर्फ बाज अमृतसर के चनाचेन गांव का रहने वाला है। अप्रैल 2025 में उसने गुरदासपुर जिले के बटाला में स्थित किला लाल सिंह थाने पर रॉकेट लॉन्चर से हमला किया था। इस हमले की जिम्मेदारी बब्बर खालसा से जुड़े हैप्पी पासिया मनू आगवन और गोपी नवांशहरिया सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ली थी। पुलिस का दावा है कि यह हमला, उत्तर प्रदेश के पीलीभीत और पंजाब में ग्रेनेड हमलों के आरोपियों को मार गिराने के बदले में किया गया था। पुलिस के अनुसार, हमला करने के बाद आकाशदीप फरार होकर पहले गुजरात गया और वहां से इंदौर पहुंचा।
इंदौर के हीरानगर में छिपा था आतंकी, दिल्ली पुलिस ने पकड़ा
आकाशदीप सिंह इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में एक निर्माणाधीन बिल्डिंग में क्रेन ऑपरेटर के रूप में काम कर रहा था। उसे पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस की टीम बुधवार को इंदौर पहुंची और उसे हिरासत में लेकर दिल्ली रवाना हो गई। उसके खिलाफ दिल्ली में आर्म्स एक्ट के तहत एक अन्य मामला भी दर्ज है। पुलिस के मुताबिक, आकाशदीप एक विदेशी आतंकी हैंडलर के संपर्क में था, जो सोशल मीडिया ऐप्स के माध्यम से उसे आतंकवादी गतिविधियों के लिए निर्देश दे रहा था।
विदेशी नेटवर्क और फंडिंग का भी हो सकता है खुलासा
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को पहले आकाशदीप के गुजरात में होने का सुराग मिला था। जांच करने पर पुष्टि हुई कि वह इंदौर में छिपा है। इसके बाद इंस्पेक्टर अशोक कुमार भड़ाना के नेतृत्व में एक टीम इंदौर पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में आतंकी नेटवर्क उनके विदेशी संपर्कों औरफंडिंग से संबंधित महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। डीसीपी कौशिक ने कहा कि यह गिरफ्तारी बब्बर खालसा इंटरनेशनल के भारत में फैले नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता है और हम उसके संपर्कों व अन्य मॉड्यूल की भी गहराई से जांच कर रहे हैं।