कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और बाद में भारत पाकिस्तान के बीच हुए तनाव के बाद पर्यटन में बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं। इस सीजन में पर्यटकों ने कश्मीर जाने की योजनाएं निरस्त कर दी हैं और पाकिस्तान को सपोर्ट करने वाले देश तुर्की और अजरबैजान को भी बैन कर दिया है। ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया मप्र छग के चेयरमैन हेमेंद्र सिंह जादौन ने बताया कि किस तरह से टूरिज्म बदल रहा है।
भारत पाकिस्तान के बीच तनाव के बाद अभी जो हालात उनसे पर्यटन पर क्या प्रभाव पड़ा है?
इस तरह की कोई भी गतिविधि होती है जिससे कहीं किसी देश में अस्थिरता या किसी भी तरह का डर है तो सबसे पहले टूरिज्म पर ही इसका इफेक्ट पड़ता है। जो हमारे कश्मीर पहलगाम में घटना घटी है और आतंकी हमला हुआ है उसमें पहली बार टूरिस्ट को अटैक किया गया है। इससे कश्मीर टूरिज्म बहुत ज्यादा इफेक्ट हुआ है। यह जो सीजन था कश्मीर का जिसमें करीब-करीब 50% बुकिंग कश्मीर की थी लगभग खत्म हो गया। इंडिया में पिछले तीन चार साल से एकदम कश्मीर के लिए माहौल बना था। बहुत टूरिस्ट जा रहे थे और वहां पर भी रोजगार मिल रहा था। इस घटना के बाद से यह सब बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ। ये सीजन तो कश्मीर का मैं कहूंगा पूरा खराब हो चुका है। नई बुकिंग तो हो नहीं रही है। पुरानी कैंसिल हो गई है।
जो लोग कश्मीर नहीं जा रहे हैं वो कहां जा रहे हैं?
यह गर्मियों का सीजन है और गर्मियों में नॉर्थ इंडिया यानी कश्मीर वाला क्षेत्र प्रभावित हुआ है तो वो लोग अब हिमाचल, उत्तरांचल, उत्तराखंड इस तरह की यात्रा कर रहे हैं। नॉर्थ ईस्ट में कुछ अन्य जगह और साउथ में भी कई हिल स्टेशंस पर अभी टूरिस्ट जा रहे हैं
पाकिस्तान को सपोर्ट करने वाले किन-किन देशों में पर्यटकों ने जाना बंद कर दिया है?
तुर्की और अज़रबैजान ने पाकिस्तान का साथ दिया है और हिंदुस्तान के प्रति उनका रवैया सहयोग का नहीं रहा। इसलिए ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने इन दोनों देशों को पूरी तरह से बैन कर दिया है। हम वहां पर टूरिस्ट को भेज नहीं रहे हैं। जो बुक भी हो गए थे उन्हें समझाइश दी गई है और बहुत सारे टूरिस्ट ने देशभक्ति की भावना रखते हुए अपने टूर कैंसिल कर दिए हैं। हमने सरकार से मांग की है कि इस इन दोनों देशों के खिलाफ सख्त से सख्त एडवाइज़री जारी की जाए।
जो पर्यटक इन देशों में जाने वाले थे अब आप उन्हें कहां जाने के लिए सजेस्ट कर रहे हैं?
देखिए हमारा भारत तो स्वयं बहुत सुंदर है। हम कह रहे हैं कि आप भारत में ही ट्रैवल करें। अगर उन्हें इंटरनेशनल ट्रैवल ही करना है तो उसके लिए और भी कंट्रीज हैं। एशिया में सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, इंडोनेशिया और हांगकांग हैं। दुबई, अबू धाबी भी हैं। जिनके पास ज्यादा समय है और उनको हम यूरोप भी भेज रहे हैं।
मप्र के लोग सबसे ज्यादा कहां जाते हैं?
सबसे ज्यादा दुबई और यूरोप के टूर प्लान होते हैं।
पर्यटन पर आपके कुछ सुझाव?
हमारे प्रदेश में जो टूरिस्ट डेस्टिनेशन हैं उसका इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और उनका प्रमोशन प्रॉपर हो तो बहुत अच्छा होगा। हमारे प्रदेश में भी बहुत अच्छी संभावनाएं हैं।
मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा लोग कहां जाते हैं?
मध्य प्रदेश में रिलीजियस टूरिज्म काफी बड़ा है। महाकाल लोक में करीब 5 लाख टूरिस्ट हर दिन जा रहे हैं। महाकाल के साथ-साथ पर्यटक तीन चार पांच दिन का स्टे करता है और वो इंदौर और ओमकारेश्वर भी जाता है। भोपाल और उसके नजदीक सांची स्तूप और पचमढ़ी हमेशा से ही लोकप्रिय हैं।
पर्यटन में लोग धोखाधड़ी का भी शिकार हो जाते हैं, क्या सुझाव देंगे आप उन्हें?
मैं टूरिस्ट को ये सजेस्ट करना चाहूंगा कि किसी ऑथराइज्ड एजेंट से ही काम करवाएं। इससे फ्रॉड से बचा जा सकता है।