भाजपा के बड़े नेताओं के खास हैं जीतू यादव।
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भाजपा की ओर से पार्षद चुनाव जीतने वाले जीतू यादव अब भले ही भाजपा के सदस्य नहीं हैं, लेकिन उनकी पार्षदी बनी रहेगी। पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता अभिनव धनोतकर के अनुसार, एमआईसी से हटाने या दल से निकाले जाने पर पार्षदी छिनने का कोई प्रविधान नहीं है। मप्र नगर पालिका अधिनियम के तहत पार्षदी खत्म करने के लिए नियम तय हैं। इसके अनुसार, सदन के दो-तिहाई यानी 75 प्रतिशत से अधिक पार्षदों की सहमति से लिखित प्रस्ताव दिया जाना जरूरी है। यह प्रस्ताव संभागायुक्त के पास जाता है, जो इस पर निर्णय लेते हैं।
हमला अभिलाष ने करवाया
एसआईटी ने शनिवार को आरोपित दीपक जेरिया और नितिन अड़ागले से पूछताछ की, जिसमें उन्होंने पार्षद कमलेश कालरा के घर में घुसकर तोड़फोड़ करने की बात स्वीकार की। आरोपित नितिन ने कमलेश कालरा के नाबालिग बेटे को निर्वस्त्र करने की घटना को भी कबूल किया। आरोपित दीपक के पास चाकू था। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि हमला पार्षद जीतू यादव के चचेरे भाई अवि उर्फ अभिलाष के इशारे पर किया गया। अभिलाष ने कुलकर्णी नगर और परदेशीपुरा से युवकों को बुलाकर यह हमला करवाया। फोरेंसिक जांच भी करवाई जाएगी।
पीएमओ की जानकारी हमें नहीं
पूरे मामले में विधानसभा क्षेत्र क्रमांक चार के खेमे ने दिल्ली तक शिकायत पहुंचाई थी। इस मामले की शिकायत प्रदेश से राज्यसभा सदस्य और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा तक की गई। चर्चा है कि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने इस घटना पर रिपोर्ट मांगी है। हालांकि, इंदौर भाजपा अध्यक्ष गौरव रणदिवे ने इस बात की जानकारी होने से इन्कार किया है कि पीएमओ से कोई संदेश आया है।
सीएम की पोस्ट के बाद एक्शन
गुरुवार को इंदौर आए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट डालकर कड़ी कार्रवाई का संदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार करना शुरू किया। आखिरकार, शनिवार को भाजपा ने पार्षद जीतू यादव (जाटव) को पार्टी से बाहर कर दिया।