Indore News: आईएएस संतोष वर्मा के रोटी-बेटी वाले बयान के समर्थन में जयस ने इंदौर में पैदल मार्च निकाला। संगठन ने नरोत्तम मिश्रा व अनिल मिश्रा पर एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है।
इंदौर में रविवार को आदिवासी संगठन जयस ने आईएएस संतोष वर्मा के समर्थन में एक विशाल पैदल मार्च निकाला। यह मार्च वर्मा के उस बयान के समर्थन में था जिसमें उन्होंने रोटी-बेटी के संबंधों और आरक्षण पर अपने विचार रखे थे। जयस कार्यकर्ताओं और समाज के लोगों ने क्रांति सूर्य टंट्या भील चौराहे से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक पैदल यात्रा की और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप
जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा ने इस मामले पर बात करते हुए कहा कि अजाक्स के प्रांतीय अध्यक्ष और आईएएस संतोष वर्मा के बयान को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बेवजह विवाद खड़ा कर रहे हैं, जबकि वर्मा ने किसी भी समाज की महिलाओं का अपमान नहीं किया है। मुजाल्दा के अनुसार, उनके बयान की व्याख्या गलत दिशा में की गई है।
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क्या था रोटी-बेटी वाला बयान
मुजाल्दा ने स्पष्ट किया कि संतोष वर्मा ने सामाजिक समरसता के संदर्भ में यह बात कही थी। वर्मा का कहना था कि जब तक समाज में ऊंची और निम्न जातियों के बीच रोटी और बेटी यानी खान-पान और वैवाहिक संबंध सामान्य रूप से स्थापित नहीं हो जाते, तब तक आरक्षण को आर्थिक आधार पर करने की बात करना सही नहीं है। उन्होंने वर्तमान आरक्षण व्यवस्था को यथावत रखने की वकालत की थी।
संयुक्त आंदोलन की चेतावनी
संगठन ने साफ किया है कि आईएएस वर्मा के समर्थन में एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समाज एकजुट है और जरूरत पड़ने पर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। रविवार का पैदल मार्च इसी आंदोलन की एक कड़ी थी। नेताओं ने चेतावनी दी है कि किसी भी निष्पक्ष अधिकारी के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें
जयस ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कई प्रमुख मांगें रखी हैं। संगठन ने मांग की है कि आईएएस संतोष वर्मा को जारी किया गया नोटिस तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही, वर्मा को धमकियां देने वाले लोगों पर पुलिस केस दर्ज हो। इसके अलावा, संगठन ने पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और वकील अनिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की है।