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Indore News: 40 लाख की आबादी वाले इंदौर में 100 आधार केंद्र भी नहीं, सुबह से शाम तक लगती है कतार

सार

इंदौर मेें 180 से ज्यादा आधार केंद्र हुआ करते थे, लेकिन धीरे-धीरे निजी ऑपरेटरों को हटाया जा रहा है। इंदौर में 40 से ज्यादा आधार केंद्र सालभर में बंद कर दिए गए। ज्यादातर निजी ऑपरेटर के भरोसे आधार केंद्र है, लेकिन उनके उपकरण काफी पुराने है।
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इंदौर के आधार केंद्रों पर भीड़ - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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केंद्र व प्रदेश सरकार ने कई स्कीमों व परीक्षा में आधार कार्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया है। दसवीं और बारहवी की परीक्षा के लिए भी आधार अपडेट कराने के लिए विद्यार्थियों को पढ़ाई छोड़कर आधार केंद्रों की कतारों में खड़े रहना पड़ रहा है। बैंक व डाक खानों में स्टाॅफ नहीं होने, सर्वर डाउन होने के बहाने बनाकर लोगों को उलटे पैर लौटाया जा रहा है तो कई निजी ऑपरेटर अपडेशन में गलती होने पर सेंटर बंद होने के डर से मुख्य आधार केंद्र पर जाने का बोल देते है।

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मुख्य कार्यालय अभय प्रशाल में है। यहां सुबह से लेकर शाम तक लोगों की कतारें लगा रहती है। लोग आधार कार्ड में करेक्शन के चक्कर में घंटों तक लाइनों में लग रहे है। 40 लाख का आबादी वाले शहर में 100 आधार केंद्र भी नहीं है।

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40 से ज्यादा आधार केंद्र बंद कर दिए

इंदौर मेें 180 से ज्यादा आधार केंद्र हुआ करते थे, लेकिन धीरे-धीरे निजी ऑपरेटरों को हटाया जा रहा है, नए नहीं खोले जा रहे है। इंदौर में 40 से ज्यादा आधार केंद्र सालभर में बंद कर दिए गए। बाणगंगा, नंदानगर, रेसकोर्स रोड, समाज कार्य परिसर परदेशीपुरा, उषा नगर, तिलक पथ, भंवरकुआ, पीसी सेठी अस्पताल जैसे सेंटरों पर भीड़ लगी रहती है। लोग अपने निकट के केंद्रों पर जाना पंसद करते है, लेकिन भीड़ होने पर वे चार-पांच किलोमीटर दूर के केंद्रों पर जाने के लिए मजबूर है, वहां भी कतार में उन्हें लगना पड़ रहा है।

 

पेनल्टी से बचने के लिए टरका रहे

 

शहर में ज्यादातर निजी ऑपरेटर के भरोसे आधार केंद्र है, लेकिन उनके कम्यूटर, लैपटाप व अन्य उपकरण काफी पुराने है। कई बार वे ठीक से काम नहीं करते। आधार कार्ड में भी वेरिफिकेशन, अपडेशन को लेकर नए-नए नियम आ जाते है। गलत तरीके से कार्ड बनने पर कई बार निजी आपरेटरों पर तगड़ा हर्जाना लगता है और सेंटर भी बंद कर दिए जाते है। इस कारण कई लोगों को तो निजी आपरेटर दूसरे केंद्रों पर जाने का बोल देते है। इस कारण भी दो से तीन मिनट में होने वाले सुधार के लिए दो-तीन दिन तक केंद्रों के चक्कर लगाना पड़ रहे है।

 

पोर्टल की लिंक हो जाती है फेल

प्रदेश के विज्ञान और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश जारी किए है कि वे दस साल पुराने आधार कार्डों को अपटेड कराए। इसके लिए ऑनलाइन सुविधा भी दी गई है, लेकिन पोर्टल भी ठीक से कई बार काम नहीं करता है। थक हारकर लोगों को आधार केंद्रों पर ही जाना पड़ रहा है।

 

शहर में नए केंद्र खोले जा रहे है

ई गवर्नेंस के जिला प्रबंधक अतुल दुबे ने बताया कि शहर में नए केंद्र खोले जा रहे है। परेशानी जैसी कोई बात नहीं है। अपडेट कराने के लिए दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। आवेदक कई बार वो नही ला पाते है।

 

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