इंदौर से शुरू की गई अबूधाबी की अंतरराष्ट्रीय उड़ान को पहले ही दिन अपेक्षा से कम यात्री मिले। ऐसे में इस नई विमान सेवा पर कम यात्री मिलने का संकट गहराता नजर आ रहा है, क्योंकि आने वाले दिनों के लिए भी बुकिंग उत्साहजनक नहीं है। पहले दिन 180 सीटों वाले विमान में केवल 79 सीटों की बुकिंग हुई, जबकि 101 सीटें खाली रहीं। हालांकि, वापसी की उड़ान के लिए 160 सीटें बुक हुई हैं। इस विमान सेवा का लाभ केवल इंदौर ही नहीं, बल्कि उज्जैन संभाग के यात्रियों को भी मिलेगा।
कम यात्री संख्या के कारण यह विमान सेवा बंद न हो, इसके लिए प्रदेश सरकार प्रत्येक उड़ान पर 15 लाख रुपये की सब्सिडी दे रही है। अधिकारियों का मानना है कि इससे यात्रियों पर अधिक हवाई किराया देने का दबाव नहीं पड़ेगा और एयरलाइन को भी संचालन में परेशानी नहीं होगी।
इंदौर से पहले दुबई के लिए भी अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा शुरू की गई थी, लेकिन बाद में उसे बंद कर दिया गया। हालांकि, इंदौर से दुबई के लिए यात्रियों की संख्या अच्छी रहती थी, क्योंकि वहां से अन्य देशों के लिए कनेक्टिंग उड़ानों की बेहतर सुविधा उपलब्ध थी। अब देखना होगा कि अबूधाबी की इस नई हवाई सेवा को यात्रियों का कितना प्रतिसाद मिलता है।
इंदौर से बैंकॉक उड़ान की मांग बरकरार
इंदौर से बैंकॉक के लिए सीधी हवाई सेवा की मांग लंबे समय से की जा रही है। इसके लिए पहले एयर इंडिया ने तैयारी भी की थी, लेकिन अहमदाबाद विमान हादसे के बाद कंपनी के पास विमानों की कमी हो गई, जिससे इंदौर-बैंकॉक उड़ान शुरू नहीं हो सकी।
ट्रैवल्स एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टीएएआई) की मध्य प्रदेश इकाई के चेयरमैन हेमेंद्र जादौन का कहना है कि बैंकॉक रूट पर पर्यटन के लिहाज से इंदौर से अच्छी यात्री संख्या मिल सकती है। बैंकॉक के लिए कॉर्पोरेट टूरिज्म की मांग भी अच्छी है। उनका मानना है कि अबूधाबी हवाई सेवा को भी धीरे-धीरे अच्छा प्रतिसाद मिलेगा, क्योंकि वहां पर्यटन गतिविधियों का लगातार विस्तार हो रहा है।