Indore News: इंदौर हाई कोर्ट ने NEET UG की छात्रा आर्ची अनन्या अग्रवाल को बड़ी राहत दी है। NTA ने छात्रा को दूसरे राउंड में सीट मिलने के आधार पर 2018 के नियम का हवाला देकर तीसरे राउंड की काउंसलिंग से रोक दिया था।
NEET UG की एक छात्रा को इंदौर हाई कोर्ट से मंगलवार को बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने छुट्टी के दिन भी इस मामले में विशेष सुनवाई करते हुए छात्रा के पक्ष में अहम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने छात्रा को तीसरे राउंड की काउंसलिंग में शामिल होने की अनुमति दे दी है।
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दूसरे राउंड में सीट मिलने पर NTA ने रोका
जानकारी के अनुसार, इंदौर निवासी छात्रा आर्ची अनन्या अग्रवाल को 22 सितंबर 2025 को हुई NEET की दूसरी काउंसलिंग में श्री सत्य सांई यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल साइंस (सीहोर) में सीट अलॉट हो गई थी। छात्रा को 720 में से 443 अंक प्राप्त हुए थे। उसने 22 अक्टूबर 2025 (बुधवार) को होने वाली तीसरे राउंड की काउंसलिंग के लिए भी फीस भरी थी, लेकिन NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) ने उसे इसमें शामिल होने से मना कर दिया था।
2018 के नियम का दिया गया हवाला
NTA ने 2018 के एक नियम का हवाला देते हुए तर्क दिया कि चूंकि छात्रा को दूसरी काउंसलिंग में सीट मिल गई है, इसलिए वह तीसरे राउंड में हिस्सा नहीं ले सकती। इस फैसले के खिलाफ छात्रा ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।
छुट्टी के दिन सुनवाई कर कोर्ट ने दी राहत
छात्रा के एडवोकेट नितिन सिंह भाटी ने कोर्ट में 2024 के संशोधन का तर्क देते हुए कहा कि छात्रा को अनुमति दी जा सकती है। इस मामले में मंगलवार को इंदौर हाई कोर्ट की डबल बेंच में जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस गजेंद्रसिंह के समक्ष सुनवाई हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आदेश दिया कि जब तक यह याचिका अंतिम रूप से तय नहीं हो जाती, तब तक छात्रा को तीसरे राउंड की काउंसलिंग में शामिल होने की अनुमति दी जाए। इस अंतरिम राहत के बाद अब छात्रा बुधवार को होने वाली काउंसलिंग में शामिल हो सकेगी।