इंदौर शहर की गाइड लाइन सालभर में दूसरी बार बढ़ी।
- फोटो : अमर उजाला
साल भर में दूसरी बार इंदौर जिले की कलेक्टर गाइड लाइन बढ़ाने की मंजूरी दी गई है। इंदौर से प्रस्तावित गाइड लाइन पर आए दावे आपत्तियों के निराकरण के बाद उसे मंजूरी के लिए केंद्रीय मूल्याकंन समिति को भेजा गया था। उसे समिति ने मंजूरी दे दी है। अब जल्दी ही इसे लागू किया जाएगा। जिले की 111 काॅलोनियों को गाइड लाइन से जोड़ा गया है। इसके अलावा 469 लोकेशन पर कलेक्टर गाइडलाइन में 10 से लेकर 20 प्रतिशत तक इजाफा किया गया है। इससे सरकार को भी ज्यादा राजस्व मिलेगा।
इंदौर में प्रदेश में सबसे ज्यादा जमीनों के सौदे होते हैं। जिले की गाइड लाइन में सबसे ज्यादा लोकेशन पर बढ़ोतरी की गई है। इंदौर पंजीयन विभाग से भेजे गए प्रस्ताव को जस का तस मंजूर कर लिया गया है। पहले इंदौर में 105 काॅलोनियों को गाइड लाइन से जोड़ा गया था। बाद में कुछ अन्य लोकेशन को भी जोड़ने के सुझाव आए। इसके बाद यह संख्या बढ़कर 111 हो गई। अब इस आधार पर ही संपत्तियों की रजिस्ट्री पंजीयन विभाग करेगा।
इन इलाकों की बढ़ी गाइड लाइन
इंदौर के कनाडिया, कुमेडी, सनावदिया, देवली, जामनिया खुर्द, महालक्ष्मी नगर, गोल्फलिंक, समृद्धि पार्क, बड़ा बांगड़दा सहित अन्य इलाकों की गाइड लाइन बढ़ाई गई है। ये अब शहरी क्षेत्र में शामिल किए जा जा चुके हैं। उप महानिरीक्षक पंजीयक बालकृष्ण मोरे ने बताया कि भोपाल में गाइड लाइन बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। 469 लोकेशन पर वृद्धि दर्ज की जाएगी। जल्दी ही इसे लागू किया जाएगा।
112 लोकेशन पर दस प्रतिशत तक वृद्धि
इंदौर में 112 लोकेशन पर 10 प्रतिशत तक गाइड लाइन बढ़ाई गई है। इसके अलावा 190 लोकेशन पर दस से लेकर बीस प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। इसके अलावा 111 काॅलोनियां कलेक्टर गाइडलाइन में शामिल की गई हैं। इनमें ज्यादातर काॅलोनियां ग्रामीण क्षेत्रों की हैं, जो अब शहरी सीमा में आ गई हैं। इसके अलावा दो लोकेशन की गाइड लाइन में आंशिक कमी की गई है।