फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ground Report: सूखे तनों में बदले ट्रांसप्लांट किए पेड़, लाखों रुपए खर्च करके भी नहीं बची हरियाली

Mon, 06 Jan 2025 09:50 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: नगर निगम की लापरवाही की वजह से शहर में अधिकांश जगह पेड़ों का ट्रांसप्लांट फेल हुआ है। जगह जगह खड़े सूखे तने निगम की लापरवाही के सबूत पेश कर रहे हैं। 
 
विज्ञापन
आर्ट्स एंड कामर्स कालेज में ट्रांसप्लांट। - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इंदौर में हरियाली बचाने और बढ़ाने के लाख दावे किए जा रहे हैं लेकिन हकीकत कुछ और ही है। पिछले कुछ साल में नगर निगम ने इंदौर में हरियाली को बचाने के लिए सैकड़ों पेड़ों का ट्रांसप्लांट किया लेकिन इनमें से अधिकांश पेड़ नगर निगम की लापरवाही से ही सूख गए। इन ट्रांसप्लांट में न सिर्फ लाखों रुपए खर्च हुए बल्कि शहर की जगह भी सही उपयोग से वंचित रही और हरियाली भी न बच पाई।
विज्ञापन



अमर उजाला ने देखी जमीनी हकीकत
नगर निगम ने इंदौर में सिरपुर तालाब, आर्ट्स एंड कामर्स कालेज, बीमा अस्पताल में पेड़ों को बड़ी संख्या में ट्रांसप्लांट किया है। इनमें से अधिकांश जगह के पेड़ सूख चुके हैं। अमर उजाला ने तीनों जगह पर जाकर जमीनी हकीकत देखी। यहां पर पिछले कुछ साल में एक हजार से अधिक पेड़ों को ट्रांसप्लांट किया गया लेकिन इनमें से पांच प्रतिशत पेड़ भी जिंदा नहीं बच पाए हैं। सभी जगह सूखे हुए तने नगर निगम की लापरवाही का सबूत पेश कर रहे हैं। 

लाखों रुपए बर्बाद किए
एक पेड़ को ट्रांसप्लांट करने में 50 हजार से एक लाख रुपए तक का खर्च आता है। अधिकांश पेड़ों को नगर निगम ने पिछले पांच साल के अंदर शिफ्ट किया है। इसके लिए निगम ने जनता के टैक्स के पैसों का उपयोग किया और कई तरह की तकनीकों पर काम किया। इन सबके बावजूद पूरी तरह से पेड़ों का मर जाना बड़े प्रश्न उठाता है। 
विज्ञापन


असफल ट्रांसप्लांट के कई कारण होते हैं
हमने नगर निगम के माध्यम से कई जगह पेड़ों का ट्रांसप्लांट करवाया। इसमें कई जगह अच्छे रिजल्ट भी मिले हैं। ट्रांसप्लांट के बाद अगर पेड़ पनप नहीं पाता तो इसके कई कारण हो सकते हैं। पेड़ों का ट्रांसप्लांट अलग अलग प्रजाति के हिसाब से अलग अलग होता है। यूकेलिप्टस और बबूल जैसे पेड़ पनप नहीं पाते। बरगद, नीम और अन्य दूध वाले पौधे 90 प्रतिशत से अधिक पनप जाते हैं। ट्रांसप्लांट में जड़ को कम से छेड़ना चाहिए। गहरी जड़ों वाले पेड़ भी कम पनपते हैं। पहले पेड़ों की छटाई करना चाहिए और 50 प्रतिशत नई कोपल आ जाए फिर उसे ट्रांसप्लांट करना चाहिए। जड़ को भी दो से तीन बार में काटते हैं फिर बारिश आने के पहले सही मौसम में उसे ट्रांसप्लांट करते हैं। 
विज्ञापन

- कैलाश जोशी, पूर्व उद्यान विभाग अधिकारी, नगर निगम
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें