गणेश आरती को मानव सेवा से जोड़ने की कड़ी में इस गणेशोत्सव कृष्णा गुरुजी सोशल वेलफेयर सोसायटी के सदस्यों ने शहर के विघ्नहर्ताओं का सम्मान किया। सबसे पहले कृष्णा मिश्रा गुरुजी शहीद बलबीर सिंह छाबड़ा के यहां पहुंचे जिनके प्राण राष्ट्र गीत गाते गाते स्टेज पर निकले थे। उनकी पत्नी रविंदर कौर छाबड़ा को विध्नहर्ता 2024 राष्ट्र भक्ति के लिए उनके मरणोपरांत सम्मान किया गया। साथ ही उनकी पत्नी को 51,000 रुपए की कृतज्ञता राशि की घोषणा की। साथ ही समाज, शहर प्रमुख, प्रदेश प्रमुख से आग्रह किया ऐसे दिवंगतों के घर जाएं और उनका मनोबल बढ़ाएं। इसके बाद रक्तदान को जीवन में शामिल करने वाले इंदौर निवासी अनिल रांका जो 106 बार रक्तदान कर चुके हैं उनके घर जाकर कृष्णा गुरुजी ने उन्हें तिरंगे दुपट्टे से समाज की ओर से स्वागत किया। उन्हें विध्नहर्ता 2024 की ट्रॉफी से सम्मनित किया। यह बताया गया कि वे 106 जीवन के जीवनदाता बने और ना जाने कितने परिवारों के विध्नहर्ता बने। कृष्णा गुरुजी ने कहा अनिल रांका न जाने कितने परिवारों के जीवन के गणेश बने।
दुःख दूर करने का संदेश देती है गणेश आरती
गणेश आरती यह संदेश देती है की आप भी किसी के जीवन के विध्न दूर करें और गणेश दूत बनें। इन सभी मौकों पर कृष्णा गुरुजी सोशल वेलफेयर सोसायटी के अनिल कुमार, भारती मंडलोई, अवस्थी और अन्य सदस्य मौजूद रहे।
इनका विघ्नहर्ता को मिल रहा 2024 सम्मान
1. अंधन को आंख
उमा झवर : EYE BANK (नेत्र दान सेवा )
2. कोढ़न को काया
गंगा राम : स्वयं कुष्ठ रोगी होकर अन्य कुष्ठ रोगियों का ख्याल
3. बांझन को पुत्र देत
डॉ. आशा बक्षी: अपने चिकत्सिक ज्ञान से सैकड़ों महिला को मां का सुख (बांझन को गर्भ देत)
4. निर्धन को माया
रूपाली जैन : शहर को भिक्षुक मुक्त करने में अहम भूमिका (संस्था प्रवेश)
5. दीनन की लाज रखो
अर्जुन रिछारिया : बस्तियों में जाकर बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं (बस्ती फाउंडेशन)
6. बुल बुल पांजरे : मूक बधिर् नर्स (बीमार सेवा)
7. साधना शर्मा : अपना निजी समय दे स्ट्रीट डॉग को स्नेह (जीव प्रेम)
8. अनिल रांका : 100 से अधिक बार रक्त दान (रक्त दान)
9. चंद्रेश धरमसी : पौधारोपण और वर्षों से समाजसेवा (पर्यावरण)
10. बलबीर सिंह छाबड़ा (वीरजी) : (जीवन राष्ट्र भक्ति को समर्पित नेत्रहीन बच्चों को शिक्षित किया, योग दिवस पर राष्ट्र गान गाते-गाते प्राण त्यागे, दर्शक ताली बजाते रहे) (मरणोपरांत) राष्ट्र भक्ति