उज्जैन में एक पत्रकार पर 16 साल पहले हुए जानलेवा हमले के मामले में इंदौर जिला कोर्ट ने पांच लोगों को सजा सुनाई है। आरोपियों में 90 साल के वकील सहित पांच दोषी हैं। बुजुर्ग वकील को तीन साल की जबकि चार अन्य को सात सात साल की कठोर सजा सुनाई है।
वर्ष 2009 में एक केस के मामले में पत्रकार घनश्याम पटेल उज्जैन कोर्ट में गवाही देने आए थे, तो आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया था। हमले के बाद पटेल पंद्रह दिन तक अस्पताल में भर्ती रहे थे। चारों आरोपी वकील भी हैं। इस कारण हाईकोर्ट ने केस को इंदौर ट्रांसफर कर दिया था। जब उज्जैन में केस चल रहा था। तब भी वकील जजों के ट्रांसफर की अर्जी लगाते रहते थे।
10 जनवरी 2009 को धर्मेंद्र शर्मा व उसके भाई के मामले में घनश्याम पटेल कोर्ट में गवाही देने गए थे। तब उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई, लेकिन वे फिर गवाही देने गए तो उन पर सुरेंद्र शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा, शैलेंद्र शर्मा, भवेंद्र शर्मा और पुरुषोत्तम राय ने हमला कर दिया था। उन्हें लाठी व डंडों से पीटा गया था। वकील सुरेंद्र शर्मा की उम्र 90 साल है, इसलिए कोर्ट ने उन्हें तीन साल की सजा सुनाई है, जबकि चार अन्य को सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। उज्जैन जिला कोर्ट परिसर में हुए हमले के बाद पटेल की रिपोर्ट पर पुलिस ने हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया था।