फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indore News: लव जिहाद फंडिंग का आरोपी पूर्व पार्षद कादरी गिरफ्तार, इस बार जम्मू कश्मीर से जुड़ा कनेक्शन

Fri, 07 Aug 2026 08:36 PM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

Indore News: फर्जी आर्म्स लाइसेंस मामले में इंदौर पुलिस ने पूर्व पार्षद अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत को जमानत पर बाहर आते ही दोबारा गिरफ्तार कर लिया है। 24 से अधिक आपराधिक मामलों में अनवर शामिल है। 
विज्ञापन
पार्षद अनवर कादरी - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इंदौर में पुलिस ने फर्जी आर्म्स लाइसेंस मामले में पूर्व कांग्रेस पार्षद और नेता अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत को दोबारा गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर कई हिंदू युवतियों के शोषण और लव जिहाद के मामलों में शामिल लोगों को आर्थिक सहायता प्रदान करने का आरोप है। उसे हाल ही में न्यायालय से जमानत मिली थी, लेकिन जेल से बाहर आते ही पुलिस ने पुराने प्रकरण में उसे हिरासत में ले लिया।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें...
Indore News: एमपी के शहरों को 24 घंटे खुलने के लिए करना होगा इंतजार, गाइडलाइन के बाद तय होगा

24 से अधिक मामले दर्ज हैं
अनवर कादरी पर 24 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसने जम्मू और कश्मीर से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हथियार का लाइसेंस बनवाया था। इस लाइसेंस के संबंध में दर्ज मामले में इंदौर के सदर बाजार थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि लाइसेंस बनवाने में किन लोगों ने मदद की थी और इसमें कौन से दस्तावेज लगाए गए थे।
विज्ञापन


पुलिस अधिकारियों के अनुसार भिश्ती मोहल्ला निवासी अनवर के खिलाफ सितंबर 2023 में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। उसने अपने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी छिपाकर वर्ष 2007 में फर्जी दस्तावेजों से जम्मू और कश्मीर के कठुआ से 12 बोर बंदूक का लाइसेंस बनवाया था। इसके बाद वर्ष 2012 में उसने रिवॉल्वर का लाइसेंस भी प्राप्त कर लिया। पुलिस द्वारा जम्मू और कश्मीर प्रशासन से जानकारी मांगने पर इसका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं मिला। अनवर ने खुद को ठेकेदार बताकर और जान का खतरा दिखाकर यह लाइसेंस हासिल किया था। वह चुनाव और आचार संहिता के समय इस लाइसेंस को थाने में जमा भी कराता था।
विज्ञापन


अनवर का नाम लव जिहाद के मामलों में इंदौर के युवाओं को आर्थिक मदद देने के आरोप में भी सामने आया था। बाणगंगा थाना पुलिस ने अन्य आरोपियों के बयानों के आधार पर उसे मामले में आरोपित बनाया था। इस केस में नाम आने के बाद वह फरार हो गया था और दिल्ली में छिपा रहा, जहां उसकी बेटी पढ़ाई करती थी। लगभग 1 माह पूर्व ही उसे जमानत मिली थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें