इंदौर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की लगातार चौथे दिन कार्रवाई ने शहर में हलचल मचा दी है। गुरुवार सुबह ईडी की टीम ने रुचि सोया के पूर्व मालिक और उद्योगपति उमेश शाहरा के ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की। यह कार्रवाई 2021 में दर्ज किए गए 58 करोड़ रुपये के लोन घोटाले के मामले में हो रही है। ईडी की 10 से ज्यादा अधिकारियों की टीम सुबह 6 से 7 बजे के बीच शाहरा के घर पहुंची।
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लोन घोटाले की पृष्ठभूमि
मई 2021 में बैंक ऑफ बड़ौदा के डीजीएम राजेश डी. शर्मा ने मेसर्स रुचि ग्लोबल लिमिटेड और इसके कर्ताधर्ताओं के खिलाफ 58 करोड़ रुपए के फर्जीवाड़े की शिकायत दर्ज करवाई थी। आरोप था कि उमेश शाहरा और उनके सहयोगियों साकेत बड़ौदिया (मालीपुरा मैनरोड इंदौर) आशुतोष मिश्रा स्कीम-114 और अन्य ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक से करोड़ों रुपये का लोन लिया और उसका गबन किया। ईडी ने इस मामले में पीएमएलए एक्ट-2002 के तहत जांच शुरू की थी।
लगातार विवादों में शाहरा परिवार
उमेश शाहरा और उनका परिवार पहले भी कई विवादों में घिरा रहा है। दो साल पहले कोल आवंटन घोटाले में ईडी ने उनकी 22 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अटैच की थी। इसके अलावा, भूमि घोटाले के एक मामले में उनके भाई मनीष शाहरा से भी पूछताछ हो चुकी है।
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शादी की तैयारियों के बीच छापे
गौरतलब है कि शाहरा परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थीं, जो 21 दिसंबर से शुरू होने वाली थीं। इसी बीच ईडी की छापेमारी ने परिवार को असमंजस में डाल दिया।
ईडी की बढ़ती सक्रियता
इससे पहले, सोमवार को ईडी ने कांग्रेस नेता गोलू अग्निहोत्री और उनके करीबियों के ठिकानों पर भी छापे मारे थे। इन कार्रवाइयों से ईडी की सक्रियता और जांच के दायरे में बड़े नामों के आने का संकेत मिलता है। यह कार्रवाई दर्शाती है कि प्रवर्तन निदेशालय वित्तीय अनियमितताओं और घोटालों के मामलों में तेजी से जांच कर रहा है, खासकर उन मामलों में जहां बड़े उद्योगपतियों और नेताओं की संलिप्तता सामने आई है।