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Indore News: यूको बैंक को लगाया 58 करोड़ का चूना, अब ईडी ने लिया बड़ा एक्शन

Wed, 29 Apr 2026 10:07 PM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

Indore News: प्रवर्तन निदेशालय ने इंदौर में मेसर्स रुचि अक्रोनी इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 7.76 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की है। यह कार्रवाई यूको बैंक के साथ हुई 58 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी है।
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ईडी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इंदौर में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मेसर्स रुचि अक्रोनी इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 7.76 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। कंपनी को अब स्टीलटेक रिसोर्सेज लिमिटेड के नाम से जाना जाता है। कुर्क की गई इन संपत्तियों में कंपनी के स्वामित्व वाले कई औद्योगिक और आवासीय भूखंड शामिल हैं।
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पीएमएलए के तहत हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के कड़े प्रावधानों के तहत की गई है। इस मामले की शुरुआत सीबीआई और एसीबी भोपाल द्वारा दर्ज उस प्राथमिकी से हुई थी जिसमें रुचि अक्रोनी इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसके संचालकों पर यूको बैंक की इंदौर शाखा के साथ 58 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया था। बैंक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, कंपनी ने फर्जी दस्तावेजों और गलत सूचनाओं का सहारा लेकर करोड़ों रुपए की क्रेडिट सुविधाएं और लेटर ऑफ क्रेडिट प्राप्त किए थे।

पूरी योजना के साथ की फंड की हेरफेर 
जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने पाया कि कंपनी ने बैंक से प्राप्त राशि का उपयोग उन व्यापारिक कार्यों के लिए नहीं किया जिनके लिए उसे लिया गया था। इसके बजाय, एक सोची-समझी साजिश के तहत इस भारी-भरकम राशि को विभिन्न सहयोगी और समूह की कंपनियों के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, पैसे के वास्तविक स्रोत को छिपाने के लिए कंपनियों का एक जटिल जाल बनाया गया था ताकि फंड की लेयरिंग की जा सके। यह पैसा अंततः उन्हीं संस्थाओं के पास पहुंचा जिन पर मुख्य आरोपियों का नियंत्रण था और इस अवैध धन को वैध निवेश के रूप में दिखाने का प्रयास किया गया।
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गबन की राशि से संपत्तियों की खरीदी
मनी ट्रेल की बारीकी से जांच करने पर पता चला कि गबन की गई राशि का एक बड़ा हिस्सा अचल संपत्तियों की खरीद और विभिन्न निवेशों में लगाया गया था। वर्तमान में कुर्क की गई संपत्तियां इन्हीं संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के माध्यम से बनाई गई थीं।

अब तक की कुल कुर्की
इस मामले में यह जांच एजेंसी की दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले भी प्रकरण में 10.15 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। ताजा कार्रवाई को मिलाकर अब तक कुल 17.91 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की जा चुकी है। ईडी के सूत्रों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और बैंक अधिकारियों की भूमिका के साथ-साथ फंड डायवर्जन के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। आने वाले समय में इस मामले में अन्य संपत्तियों की कुर्की और गिरफ्तारियों की संभावना बनी हुई है।
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