दीपावली पर अहिल्या नगरी की जगमग देखते ही बन रही थी। राजबाड़ा हो या शहर के गली मोहल्ले हर जगह आतिशबाजी और रोशनी ने कोना कोना उजला कर दिया। बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों सभी में गजब का उत्साह दिखा। इस बार दीपावली पर बाजारों में भी पिछले सालों की तुलना में अधिक कारोबार हुआ और दीपावली के दिन व्यापारियों के चेहरे पर भी यह खुशी साफ दिखी। सुबह से दिवाली की तैयारी कर रहे लोगों ने शाम को मां लक्ष्मी की पूजा के बाद बाजारों का रुख किया। देर रात तक बाजारों में खानपान और खरीदारी का दौर चलता रहा।
नेताओं ने समर्थकों के साथ मनाई दीपावली
जनप्रतिनिधियों ने अपने समर्थकों के साथ में दीपावली का पर्व मनाया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री तुलसी सिलावट समेत सभी विधायकों ने जनता को उपहार बांटे और दिनभर मेल मुलाकातों का दौर जारी रहा। नेताओं ने शहर के प्रमुख बाजारों में भी दौरे किए और प्रमुख संगठनों, व्यापारियों से भी मुलाकात की।
सुबह स्वच्छता से चमकेगा शहर
इंदौर शहर न केवल अपनी साफ-सफाई और समृद्ध संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहां के लोगों में त्योहारों को मनाने का एक विशेष उत्साह होता है। दिवाली का पर्व यहां जितने हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है उतने ही उत्साह से शहरवासी अपने शहर को स्वच्छ रखने में भी मेहनत करते हैं। नगर निगम ने दीपावली के अगले दिन अलसुबह से ही सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाई हुई है। अलग अलग क्षेत्रों के हिसाब से टीमें बनाई गई हैं और अधिकारियों को भी सुबह से तैनात रहने की जिम्मेदारी दी गई है। रातभर हुई आतिशबाजी के बाद सुबह शहर को चमकता हुआ बनाने के लिए पहले से ही सभी ने कमर कस रखी है।
शहर के प्रमुख स्थलों पर विशेष लाइटिंग की गई
शहर के प्रमुख स्थल जैसे राजबाड़ा, गांधी हाल, कलेक्टर कार्यालय, कृष्णपुरा छत्री, लालबाग आदि सभी जगह विशेष लाइटिंग की व्यवस्था की गई। सभी सरकारी दफ्तरों और निवासों पर भी लाइटिंग देखते ही बनती थी। बाजारों में लोग देर रात तक फूल, रंग-बिरंगी लाइट्स, रंगोली खरीदते नजर आए। बाजारों में दीयों, तोरण, और रंग-बिरंगी सजावट के सामानों की देर तक बिक्री होती रही।
बाजारों की रौनक रही खास
दिवाली की रात में इंदौर के छप्पन दुकान और सराफा जैसे मशहूर बाजार रोशनी से जगमगा उठे। इन बाजारों में खरीदारी का एक विशेष आकर्षण दिखा। लोग पारंपरिक कपड़े, मिठाइयां, आभूषण और सजावट का सामान खरीदने के लिए यहां देर रात तक आते रहे। छप्पन दुकान पर विशेष रूप से मिठाई और नमकीन की दुकानों पर भीड़ देखी गई। विजय नगर, अन्नपूर्णा, एयरपोर्ट, बंगाली चौराहा, नंदा नगर आदि क्षेत्रीय बाजारों में भी खासी भीड़ रही।
नमकीन, मिठाइयों की दुकानों पर रही भीड़
इंदौर में दिवाली पर मिठाइयों और नमकीन का विशेष स्थान होता है। यहां के लोग अपने रिश्तेदारों और मित्रों को मिठाइयां बांटकर दिवाली की शुभकामनाएं देते हैं। गुलाब जामुन, बेसन के लड्डू, मूंगदाल हलवा, शकरपारे और अनरसे जैसी मिठाइयां सबसे अधिक डिमांड में रही। इसके अलावा, इंदौर का मशहूर नमकीन भी इस मौके पर खूब पसंद किया जाता है। लोगों ने रिश्तेदारों को देने और बाहर भेजने के लिए भी नमकीन खरीदे।
जमकर हुई आतिशबाजी
दिवाली की शाम होते ही इंदौर के लोग पटाखे और आतिशबाजी के साथ इस त्योहार का आनंद लेने लगे। हालांकि, अब पर्यावरण और पशुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, लोग कम पटाखे फोड़ने की ओर बढ़ रहे हैं। फिर भी, दीयों और फुलझड़ियों की चमक-धमक से पूरा शहर रोशन हुआ। इस बार बाजार अच्छे होने से लोगों ने जमकर खर्च किया और खूब पटाखे फोड़े।
सराफा और राजबाड़ा पर देर रात तक हुआ जश्न
दिवाली की रात में सराफा और राजबाड़ा जैसे लोकप्रिय स्थानों पर विशेष कार्यक्रम और मेलों का आयोजन हुआ। रात में इन जगहों पर रंगीन लाइट्स की सजावट देखने लायक थी। लोगों का जमावड़ा और स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।