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Indore News: इंदौर का करोड़पति भिखारी, तीन मकान, महंगी कार का मालिक, व्यापारियों को देता था कर्ज

Mon, 19 Jan 2026 10:40 AM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: इंदौर को भिक्षुक मुक्त बनाने के अभियान के दौरान प्रशासन ने सराफा बाजार से एक ऐसे दिव्यांग भिखारी को पकड़ा है जो वास्तव में करोड़ों की संपत्ति का मालिक है। वह सराफा के व्यापारियों को कर्ज पर पैसे देता था।
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मांगीलाल - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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इंदौर को भिक्षुक मुक्त बनाने के अभियान के दौरान प्रशासन के सामने एक ऐसा मामला आया है जिसने व्यवस्था और आम जनता दोनों को चौंकने पर मजबूर कर दिया है। शहर के सराफा बाजार में रेंगकर चलने वाला एक दिव्यांग व्यक्ति, जिसे लोग असहाय समझकर दान देते थे, वास्तव में करोड़ों की संपत्ति का स्वामी निकला है। मांगीलाल नामक इस व्यक्ति के पास न केवल शहर के विभिन्न इलाकों में तीन मकान हैं, बल्कि उसके पास एक लग्जरी कार और तीन ऑटो रिक्शा भी हैं। प्रशासन अब उसकी आय के स्रोतों और उसकी संपत्तियों के कानूनी दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रहा है।
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सराफा बाजार में दिव्यांगता का स्वांग
मांगीलाल पिछले कई वर्षों से इंदौर के प्रसिद्ध सराफा बाजार क्षेत्र में सक्रिय था। वह कभी भी सीधे तौर पर लोगों से पैसे नहीं मांगता था, बल्कि अपनी शारीरिक स्थिति का प्रदर्शन कर लोगों की सहानुभूति बटोरता था। वह अपने हाथों को जूतों के भीतर डालकर और पीठ पर बैग लटकाकर जमीन पर रेंगते हुए चलता था। उसकी इस दयनीय स्थिति को देखकर वहां से गुजरने वाले राहगीर स्वतः ही उसे रुपए या सिक्के दे देते थे। इस तरह से वह बिना मांगे ही लोगों की मदद प्राप्त कर लेता था।

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हर दिन की कमाई एक हजार रुपए तक  
पुनर्वास टीम द्वारा की गई पूछताछ में सामने आया कि मांगीलाल प्रतिदिन औसतन 500 से 1,000 रुपये तक की कमाई कर लेता था। जब महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने उसे रेस्क्यू किया और उसे पुनर्वास केंद्र ले जाने की बात कही, तब उसने डर के मारे अपनी असलियत बयां करना शुरू किया। उसने बताया कि वह कोई साधारण भिखारी नहीं है, बल्कि उसके पास अच्छा-खासा निवेश और संपत्ति मौजूद है।

करोड़ों की चल-अचल संपत्ति
मांगीलाल ने नोडल अधिकारी के समक्ष स्वीकार किया कि वह भगत सिंह नगर में एक तीन मंजिला मकान का मालिक है। इसके अलावा शिव नगर में उसका 600 वर्ग फुट का एक अन्य घर है और अलवासा क्षेत्र में भी उसके पास एक फ्लैट है। आश्चर्य की बात यह है कि उसने अपनी दिव्यांगता का लाभ उठाकर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी एक घर प्राप्त कर लिया था। इतना ही नहीं, उसके पास खुद की स्विफ्ट डिजायर कार है जिसे चलाने के लिए उसने एक निजी ड्राइवर भी रखा हुआ है। उसके तीन ऑटो रिक्शा शहर में किराए पर चलते हैं जिससे उसे नियमित आय प्राप्त होती है।



सराफा में सूदखोरी का कारोबार
जांच में यह भी पता चला है कि मांगीलाल केवल भीख मांगने तक सीमित नहीं था, बल्कि वह एक पेशेवर साहूकार की तरह काम कर रहा था। वह भीख से एकत्रित हुई बड़ी रकम को सराफा बाजार के छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को ऊंचे ब्याज पर उधार देता था। वह हर हफ्ते इन दुकानदारों के पास जाकर अपना ब्याज वसूलता था। अधिकारियों का मानना है कि उसका यह अवैध वित्तीय कारोबार काफी समय से फल-फूल रहा था।

जांच के बाद प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी
नोडल अधिकारी दिनेश मिश्रा और जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा ने बताया कि मांगीलाल के दावों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। उसके बैंक खातों की जानकारी और नकदी के निवेश की सूची तैयार की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि संपन्न होने के बावजूद सरकारी आवास योजना का लाभ लेना और अवैध रूप से सूदखोरी करना गंभीर अपराध है। उसे जिला कलेक्टर के समक्ष पेश किया जाएगा और उसके खिलाफ धोखाधड़ी तथा भीख मांगने को बढ़ावा देने की धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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इंदौर का भिक्षुक मुक्त अभियान
इंदौर को देश का सबसे स्वच्छ शहर बनाने के बाद अब इसे भिक्षुक मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। फरवरी 2024 से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक लगभग 6,500 भिक्षुओं की पहचान की गई है। इनमें से 4,500 लोगों को काउंसलिंग देकर मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया गया है, जबकि कई लोगों को उज्जैन के आश्रमों में भेजा गया है। इस अभियान के माध्यम से कई बच्चों को भी भिक्षावृत्ति से निकालकर स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया है।
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