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Indore News: रंगे हाथों पकड़ाई सरकारी प्रिंसिपल, कैबिन में कर रही थी डिमांड, पहुंच गई पुलिस

Sat, 01 Mar 2025 09:21 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: इंदौर लोकायुक्त ने धार जिले के शासकीय महाविद्यालय कानवन की प्रभारी प्राचार्य को ₹9,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी ने चौकीदार के वेतन को पास करने के लिए ₹13,000 की मांग की थी। 
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टीम ने कार्रवाई के दौरान सभी साक्ष्य एकत्रित किए। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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इंदौर लोकायुक्त इकाई ने धार जिले के शासकीय महाविद्यालय कानवन में एक ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। इस कार्रवाई के दौरान कॉलेज की प्रभारी प्राचार्य को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। महानिदेशक लोकायुक्त जयदीप प्रसाद ने बताया कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश गए हैं और किसी भी शिकायत के मिलते ही हम तुरंत एक्शन ले रहे हैं। इसी क्रम में हमें यह शिकायत मिली थी और प्रिंसिपल को तुरंत पकड़ा गया। 
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चौकीदार से मांगे 13 हजार रुपए
इस मामले में शिकायतकर्ता विजय बारिया, उम्र 21 वर्ष, जो शासकीय महाविद्यालय कानवन में चौकीदार के पद पर कार्यरत हैं, उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी सितंबर से दिसंबर 2024 तक की 4 महीने की वेतन राशि जारी करने के लिए कॉलेज की प्रभारी प्राचार्य डॉ. मंजू पाटीदार द्वारा 13,000 रिश्वत की मांग की जा रही थी। इस संबंध में विजय ने दिनांक 26 फरवरी 2025 को इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में पुलिस अधीक्षक (विपुस्था) राजेश सहाय को शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत का सत्यापन किया गया, जिसमें रिश्वत की मांग सही पाई गई। इसके बाद आज दिनांक 1 मार्च 2025 को एक ट्रैप दल का गठन किया गया। योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त की टीम ने आरोपी डॉ. मंजू पाटीदार को कार्यालयीन कक्ष में आवेदक से 9,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। इस दौरान मौके पर सभी आवश्यक साक्ष्य भी एकत्र किए गए। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।  

ट्रैप दल का विवरण 
इस पूरी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए उप पुलिस अधीक्षक दिनेश चंद्र पटेल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी, जिसमें निरीक्षक रेणुका अग्रवाल, प्रधान आरक्षक रणजीत द्विवेदी, आरक्षक चंद्रमोहन बिष्ट, आरक्षक शैलेंद्र बघेल, आरक्षक आदित्य भदौरिया, महिला आरक्षक सोनम चतुर्वेदी, और चालक शेर सिंह ठाकुर शामिल थे। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सरकारी संस्थानों में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की सख्त नीति का संदेश गया है।

महिला से रिश्वत मांगने वालों को भी पकड़ा

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इंदौर लोकायुक्त इकाई द्वारा एक और ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया गया, जिसमें पुलिस विभाग से जुड़े एक प्रधान आरक्षक और एक अन्य व्यक्ति को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। इस मामले में शिकायतकर्ता भेघा देलवार, उम्र 23 वर्ष, निवासी फ्लैट नंबर-102, साईं अपार्टमेंट, अनूप नगर, इंदौर हैं। उनके पति बासिल मंसूरी ने उनके खिलाफ थाना एम.आई.जी. इंदौर में मारपीट का मामला दर्ज करवाया था, जिसकी जांच पुलिस विभाग के कार्यवाहक प्रधान आरक्षक द्वारा की जा रही थी। आवेदिका के पति द्वारा दर्ज कराए गए मामले में जांच कर रहे आरोपी प्रधान आरक्षक ने आवेदिका को जेल न भेजने और केस को कमजोर करने के एवज में 5,00,000/- रुपये की रिश्वत की मांग की थी। इस बारे में आवेदिका ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय से शिकायत की। पहला आरोपी अरुण शर्मा, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक (कमान्क 1203), थाना एम.आई.जी. में है और दूसरा आरोपी अय्यूब खान है। शिकायत का सत्यापन किए जाने पर रिश्वत की मांग सही पाई गई। इसके बाद आज लोकायुक्त टीम द्वारा ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई।

रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार
ट्रैप योजना के तहत आरोपी प्रधान आरक्षक ने रिश्वत की रकम लेने के लिए दूसरे आरोपी अय्यूब खान को आवेदिका के फ्लैट पर भेजा। आरोपी अय्यूब खान ने आवेदिका से 50,000/- रुपये की रिश्वत ली और बाद में यह रकम आरोपी प्रधान आरक्षक को सौंप दी। इसी दौरान लोकायुक्त टीम ने दोनों आरोपियों को रिश्वत की राशि के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है।

 

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