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Indore News: फायर सेफ्टी पर कलेक्टर का कड़ा रुख, 15 दिन का अल्टीमेटम और फिर होगी बड़ी कार्रवाई

Mon, 23 Mar 2026 06:13 AM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

Indore News: कलेक्टर शिवम वर्मा ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जी+3 और उससे अधिक ऊंची इमारतों के लिए कड़े फायर सेफ्टी निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने भवन स्वामियों को सुरक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए 15 दिन का समय दिया है।
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संयुक्त बैठक में जानकारी देते अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक संपन्न हुई, जिसमें राजस्व विभाग, नगर निगम, फील्ड बिल्डिंग ऑफिसर्स और बिल्डिंग इंस्पेक्टर्स शामिल हुए। बैठक का मुख्य एजेंडा शहर की बहुमंजिला व्यावसायिक और अन्य इमारतों में फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की समीक्षा करना और उन्हें और अधिक सुदृढ़ बनाना था। इस बैठक में नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे और सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए।
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सुरक्षा मानकों के लिए मिली 15 दिन की मोहलत
बैठक में यह बड़ा निर्णय लिया गया है कि जी+3 और उससे अधिक ऊंचाई वाली सभी कमर्शियल एवं अन्य इमारतों के स्वामियों को 15 दिन का समय दिया जाएगा। इस निर्धारित अवधि के भीतर उन्हें अपने फायर सेफ्टी प्लान और सुरक्षा व्यवस्थाओं को पूरी तरह से दुरुस्त करना अनिवार्य होगा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि इस समय सीमा के समाप्त होने के बाद यदि किसी भी भवन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई गई, तो संबंधितों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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आज से शुरू होगा सघन निरीक्षण अभियान
निरीक्षण की प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए एसडीएम के नेतृत्व में विशेष दलों का गठन किया गया है। यह दल सोमवार से ही शहर की विभिन्न इमारतों में जाकर फायर सुरक्षा मानकों का जायजा लेना शुरू कर देंगे। कलेक्टर वर्मा ने निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण के दौरान रैंडम जांच भी की जाएगी ताकि व्यवस्थाओं की वास्तविकता का पता चल सके। जांच का मुख्य केंद्र अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, उनकी कार्यक्षमता और आपातकालीन निकासी मार्गों की स्थिति रहेगी। इसके अतिरिक्त यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भवनों ने नियमानुसार आवश्यक लाइसेंस प्राप्त किए हैं अथवा नहीं।

अवैध निर्माण भी हटाए जाएंगे
बैठक के दौरान यह गंभीर तथ्य भी सामने आया कि कई भवनों में निर्माण के पश्चात अतिरिक्त या अवैध निर्माण कार्य किए गए हैं, जो बिल्डिंग बायलॉज का सीधा उल्लंघन है। कलेक्टर ने ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अवैध हिस्सों को चिह्नित कर नोटिस जारी किए जाएं और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें हटाने की कार्रवाई भी की जाए।
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अधिकारियों ने कहा विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता
मैदानी स्तर पर कार्य करने वाले अधिकारियों ने फायर सेफ्टी मूल्यांकन के लिए विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता जताई। इस पर कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि सभी संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को मानकों एवं प्रक्रियाओं की समुचित ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्होंने अंत में दोहराया कि नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी इमारतों में इमरजेंसी एग्जिट को बाधा मुक्त रखना और फायर उपकरणों को वर्किंग कंडीशन में रखना अब अनिवार्य होगा।

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