इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में कपड़ा कारोबारी की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। कारोबारी की हत्या उसके ही दोस्त ने रुपयों के लेन-देन के विवाद के चलते कर दी थी। इस हत्याकांड में आरोपी कारोबारी का मोबाइल फोन लेकर भाग गया था, जिसे बरामद करने के लिए पुलिस ने आरोपी को दो दिन की रिमांड पर लिया है। घटना 4 मार्च की रात की है, जब सचिन पिता शांतिलाल चोपड़ा (41) निवासी कालानी नगर की हत्या कर दी गई थी। अगले दिन सुबह जब उसकी मां अंगूरबाला चोपड़ा उसे जगाने पहुंची तो वह बेहोश अवस्था में पड़ा मिला। डॉक्टरों द्वारा की गई शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि सचिन की गला दबाकर हत्या की गई थी।
रिश्तेदारों और परिचितों से उधार लेकर लाखों रुपए दिए
पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। करीब 90 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपी रोहित पिता रमेशचंद्र रायकवार (35) निवासी देवगुराड़िया को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में रोहित ने बताया कि करीब चार-पांच साल पहले नौकरी के दौरान उसकी दोस्ती सचिन से हुई थी। सचिन गोल्ड में निवेश करवाकर मुनाफा दिलाने का काम करता था। इसी कारण रोहित ने सचिन को तीन साल में अपने रिश्तेदारों और परिचितों से उधार लेकर लाखों रुपए दिए थे।
बनियान से गला घोंटकर हत्या कर दी
पहले दो साल तक सचिन उसे 10 से 20 प्रतिशत तक का कमीशन देता रहा, लेकिन बीते एक साल से उसने पैसे लौटाने में आनाकानी शुरू कर दी थी। रोहित के अनुसार, सचिन से उसे करीब 40 लाख रुपए लेने थे। दूसरी ओर, जिनसे रोहित ने पैसे उधार लिए थे, वे बार-बार तकादा कर रहे थे। 4 मार्च की रात जब रोहित सचिन के घर कालानी नगर पहुंचा और पैसों की मांग की तो सचिन ने देने से इनकार कर दिया। इससे गुस्से में आकर रोहित ने अपनी बनियान से उसका गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
आत्महत्या करने की सोच रहा था
घटना की रात रोहित एक दोपहिया वाहन बुक कर सचिन के घर पहुंचा था। पुलिस ने संबंधित कंपनी से जानकारी निकालकर पाया कि गाड़ी बुक करने वाले का नाम रोहित रायकवार था। जब पुलिस रोहित के घर पहुंची तो पता चला कि वह वहां से भागकर आष्टा चला गया है। टीआई तरुणसिंह भाटी के अनुसार, रोहित ने आखिरी बार करीब छह महीने पहले सचिन को 5-6 लाख रुपए दिए थे, जो वापस नहीं मिले। इससे वह और गुस्से में था। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को रोहित की जेब से ब्लडप्रेशर की गोली का पत्ता मिला। पूछताछ में रोहित ने बताया कि हत्या के बाद वह घबरा गया था और उसने बियर पी थी। उसकी मानसिक स्थिति इतनी खराब थी कि यदि वह एक-दो दिन और पकड़ा नहीं जाता तो आत्महत्या करने की सोच रहा था।