बिजली वितरण कंपनी इंदौर शहर में पांच नए बिजली जोन बनाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए शहर के सभी डिवीजनों पूर्व, पश्चिम, मध्य, दक्षिण और उत्तर से एक-एक नया जोन स्थापित करने के प्रस्ताव सर्कल कार्यालय से मंगवाए गए हैं। अगर सब कुछ योजना अनुसार चलता रहा, तो आगामी दो-तीन महीनों में यानी दीपावली से पहले, शहर के मौजूदा 30 बिजली जोन बढ़कर 35 हो जाएंगे। यह कदम शहर की लगातार बढ़ती आबादी और बिजली मांग को ध्यान में रखते हुए उठाया जा रहा है।
उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ने से महसूस हुई जरूरत
इंदौर शहर तेजी से विस्तार कर रहा है और इसी के साथ बिजली उपभोक्ताओं की संख्या भी बढ़ रही है। वर्तमान में कुछ जोन ऐसे हैं जहां 30,000 से अधिक उपभोक्ता दर्ज हैं, जिससे बिजली आपूर्ति और शिकायत समाधान में दिक्कतें आती हैं। इसी समस्या को देखते हुए, प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह के निर्देश पर पिछले पखवाड़े से नए जोन की तैयारी शुरू कर दी गई है। योजना है कि नए जोन शहर के ऐसे क्षेत्रों में बनें जो लोगों की सीधी पहुंच में हों और आउटर क्षेत्र से दूर हों। इससे बिजली कर्मचारियों को समय पर फॉल्ट सुधारने और बेहतर सेवा देने में मदद मिलेगी।
प्रस्तावित जोन की संभावित लोकेशन
नए जोन शहर के प्रमुख विकसित क्षेत्रों के आसपास बनाए जाने की योजना है। इनमें महालक्ष्मी जोन के पास देवास रोड मांगलिया, राऊ स्थित सिलिकॉन सिटी, एयरपोर्ट जोन के पास देपालपुर रोड गोम्मटगिरि, सत्यसांई जोन के अंतर्गत रिंगरोड और बायपास क्षेत्र तथा मैकेनिक नगर जोन के अंतर्गत रिंगरोड और एबी रोड क्षेत्र शामिल हैं। इन स्थानों पर उपभोक्ता घनत्व और भौगोलिक विस्तार को देखते हुए जोन प्रस्तावित किए गए हैं। इन जोन के नाम उस क्षेत्र की प्रमुख कॉलोनी या बसाहट के नाम पर रखे जा सकते हैं। इससे पहले बिजली कंपनी ने हवा बंगला, सुखलिया और यूनिवर्सिटी जोन करीब पांच वर्ष पूर्व बनाए थे।
एक जोन में औसतन 20 हजार उपभोक्ता होंगे
बिजली कंपनी का उद्देश्य यह है कि एक जोन में औसतन 20,000 उपभोक्ता ही रहें, जिससे बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और त्वरित सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें। जहां किसी जोन में उपभोक्ता संख्या 30,000 या इससे ज्यादा हो गई है और क्षेत्र की लंबाई 5 किलोमीटर तक पहुंच चुकी है, वहां जोन विभाजन की जरूरत महसूस की गई। प्राथमिक योजना के अनुसार, इन 5 नए झोनों में करीब 95,000 उपभोक्ताओं को शामिल किया जाएगा। नई संरचना उपभोक्ताओं के संतुलित वितरण पर आधारित होगी, ताकि बिजली रखरखाव में गति और कुशलता लाई जा सके। वर्तमान में शहर में कुल 7.80 लाख बिजली उपभोक्ता पंजीकृत हैं।