अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत, इंदौर महानगर ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा साधारण बसों के किराए में की गई वृद्धि का कड़ा विरोध करते हुए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी प्रदीप शर्मा को ज्ञापन सौंपा। संगठन का कहना है कि सरकार ने साधारण बसों का किराया ₹1.25 प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर ₹2 प्रति किलोमीटर कर दिया है। यह वृद्धि लगभग 62% अधिक है। महंगाई के इस दौर में यह बढ़ोतरी आम यात्रियों, विद्यार्थियों, मजदूरों, किसानों और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। ग्राहक पंचायत ने आरोप लगाया कि किराया वृद्धि का निर्णय लेते समय उपभोक्ता संगठनों से कोई राय नहीं ली गई। जिस उपभोक्ता के किराए से पूरी बस व्यवस्था चलती है, उसी को मीटिंग में दरकिनार कर मनमाने ढंग से किराया बढ़ा दिया गया।
ग्राहक संगठनों से सलाह मशवरा किया जाए
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने मांग की है कि संगठन की मांगों पर गंभीरता से विचार कर आम जनता के हित में आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में इस प्रकार के महत्वपूर्ण उपभोक्ता विषयों पर निर्णय लेते समय ग्राहक संगठनों को भी शामिल किया जाए। ज्ञापन देने वालों में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत इंदौर महानगर के पदाधिकारी बहादुर सिंह राजपूत, डी जी मिश्र, देवेंद्र सिंह सिसोदिया, डॉ विजय श्रीवास्तव, विनोद ठाकुर, अजय रघुवंशी, मनोज पंवार उपस्थित थे।
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की प्रमुख मांगें:
1. किराया वापस लिया जाए: साधारण बसों में की गई बढ़ी हुई किराया वृद्धि को तत्काल वापस लिया जाए। यदि वृद्धि आवश्यक है तो उसे तर्कसंगत एवं जनहित में पुनः निर्धारित किया जाए।
2. यात्री सुविधाओं में सुधार: बस स्टैंड एवं बसों में पेयजल, शौचालय, प्रतीक्षालय एवं डिजिटल डिस्प्ले जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
3. पारदर्शिता अनिवार्य: प्रत्येक बस में किराया सूची, बस मालिक/संचालक का नाम, शिकायत नंबर तथा फिटनेस एवं बीमा संबंधी जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य किया जाए।
4. ओवरलोडिंग और मनमानी पर रोक: त्यौहारों जैसे रक्षाबंधन, दीपावली आदि के समय बसों में होने वाली ओवरलोडिंग एवं मनमानी किराया वसूली पर प्रभावी रोक लगाई जाए। नियम तोड़ने वाले संचालकों पर सख्त कार्रवाई हो।
5. शिकायत निवारण: यात्रियों की शिकायतों के लिए प्रभावी और समयबद्ध शिकायत निवारण व्यवस्था बनाई जाए।