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Indore News: विधायक मेंदोला पर गंभीर आरोप लगाकर 24 घंटे में पलटा समर्थक, कहा- 'गलतफहमी हो गई थी'

Sat, 20 Sep 2025 03:00 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: विधायक रमेश मेंदोला के समर्थक जीतू चौधरी द्वारा सोशल मीडिया पर विधायक को अपनी जान के खतरे का जिम्मेदार बताने के बाद शुरू हुआ विवाद 24 घंटे में ही थम गया। चौधरी ने अपनी सभी पोस्ट डिलीट कर इसे एक "गलतफहमी" बताया है। 
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मंत्री विजयवर्गीय और विधायक रमेश मेंदोला के साथ जीतू - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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इंदौर भाजपा में शुक्रवार को शुरू हुआ विवाद थम गया है। इंदौर-2 के विधायक रमेश मेंदोला के खास समर्थक और भाजपा नमामि नर्मदे विभाग के जिला संयोजक जीतू चौधरी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर अपनी ही जान का खतरा बताते हुए पोस्ट की थी। उन्होंने इसके लिए सीधे तौर पर विधायक मेंदोला को जिम्मेदार ठहरा दिया था। हालांकि, इस सनसनीखेज पोस्ट के 24 घंटे के भीतर ही जीतू चौधरी अपने बयान से पलट गए और सभी पोस्ट डिलीट कर दीं। उन्होंने इसे एक गलतफहमी करार दिया है, जबकि इस पूरे मामले पर विधायक रमेश मेंदोला की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मेंदोला को बताया था जिम्मेदार
शुक्रवार को जीतू चौधरी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक के बाद एक कई पोस्ट किए, जिससे भाजपा के खेमे में हड़कंप मच गया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘‘मेरे साथ अगर कोई दुर्घटना होती है तो जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ विधायक रमेश मेंदोला होंगे…।’’ उन्होंने आगे यह भी लिखा कि, "मुझे मौत का भी डर नहीं है, चाहे जेल में डाल दो… मैं किसी से नहीं डरता…।" इन पोस्टों के वायरल होते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया, हालांकि देर रात चौधरी ने अपने सभी पोस्ट डिलीट कर दिए।

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24 घंटे में बदला रुख, कहा- 'गलतफहमी हो गई थी'
मामला तूल पकड़ने के बाद जीतू चौधरी ने अपनी सफाई पेश की। उन्होंने कहा, "मैंने सभी पोस्ट डिलीट कर दी हैं। कुछ पारिवारिक गुस्सा था और मुझे कुछ गलतफहमी हो गई थी, जो अब दूर हो गई है।" उन्होंने इसे एक भावनात्मक आवेश में उठाया गया कदम बताया।

क्या गरबा महोत्सव को लेकर था पूरा विवाद?
भाजपा के सूत्रों के अनुसार, इस पूरे विवाद के केंद्र में इंदौर-2 स्थित कनकेश्वरी ग्राउंड में होने वाला गरबा महोत्सव है। बताया जा रहा है कि जीतू चौधरी इस बात से नाराज थे कि गरबा आयोजन में शामिल होने के लिए लोगों से 100 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक का शुल्क वसूला जा रहा है। उनका मानना था कि यह आयोजन हर वर्ग के लिए निःशुल्क होना चाहिए। चौधरी ने इशारों में आरोप लगाया था कि इस शुल्क वसूली के पीछे विधायक खेमे के लोग सक्रिय हैं।
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सुबह की नई पोस्ट से फिर चर्चा
शनिवार सुबह अपने पुराने पोस्ट डिलीट करने के बाद चौधरी ने एक नया और सांकेतिक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, "झुकना उतना ही जितना सही हो, बेवजह झुकना दूसरे के अहम को बढ़ावा देता है।" इस पोस्ट के बाद एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है कि क्या "गलतफहमी" सच में दूर हुई है या विवाद अभी भी जारी है।
 
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