Indore News: इंदौर भाजपा कार्यालय में पिछड़ा वर्ग मोर्चा की नई कार्यकारिणी घोषित होने के बाद सांसद समर्थकों की अनदेखी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा और सांसद समर्थक कमल गोस्वामी के बीच तीखी बहस हो गई।
भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय पर शनिवार देर रात एक अप्रिय स्थिति निर्मित हो गई। यह पूरा विवाद पिछड़ा वर्ग मोर्चा की नई कार्यकारिणी में सांसद समर्थकों के नामों को पर्याप्त प्राथमिकता न मिलने के कारण शुरू हुआ। इस मुद्दे को लेकर कुछ कार्यकर्ता नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा से चर्चा करने पहुंचे थे। बातचीत के दौरान मिश्रा ने एक कार्यकर्ता को पेड वर्कर कह दिया और यह टिप्पणी भी की कि वह पार्टी के कार्यक्रमों में उपस्थित नहीं होते हैं। इस टिप्पणी के बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस छिड़ गई, जिसे बाद में अन्य वरिष्ठ नेताओं ने हस्तक्षेप कर शांत कराया।
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कार्यकारिणी में पद न मिलने से हुआ विवाद
शुक्रवार देर रात्रि भारतीय जनता पार्टी के पिछड़ा वर्ग मोर्चा की कार्यकारिणी की घोषणा की गई थी। इस नई सूची में विधायकों के समर्थकों को अधिक प्राथमिकता दी गई, जिसके चलते कई पुराने दावेदार पद पाने से वंचित रह गए। हालांकि मोर्चा अध्यक्ष निखिल सोनी द्वारा अब तक की सबसे बड़ी कार्यकारिणी की घोषणा की गई है, जिसमें कार्यकर्ताओं को संतुष्ट करने के उद्देश्य से सहप्रभारी के अतिरिक्त पद भी सृजित किए गए हैं। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं के एक बड़े वर्ग में नाराजगी बनी हुई है। इसी सिलसिले में सांसद समर्थक कमल गोस्वामी, विशाल गिदवानी और महेश जोशी अन्य सदस्यों के साथ नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा से बात करने पहुंचे थे। कार्यकर्ताओं ने पक्ष रखा कि सांसद शंकर लालवानी की ओर से अविनेश हार्डिया उर्फ गोलू और ऋषि सोलंकी के नाम दिए गए थे, परंतु उन्हें स्थान नहीं मिला। कार्यकर्ताओं का यह भी आरोप था कि इससे पूर्व घोषित शहर की कार्यकारिणी में भी किसी सांसद समर्थक को जिम्मेदारी नहीं दी गई थी।
कार्यालय में नेताओं ने किया बीचबचाव
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब कमल गोस्वामी नगर अध्यक्ष से वार्ता कर रहे थे, तभी बातचीत का रुख कड़ा हो गया। बहस के दौरान सुमित मिश्रा ने कमल गोस्वामी को सांसद का पेड वर्कर कह दिया। इस बात पर नाराजगी व्यक्त करते हुए गोस्वामी ने कहा कि वह बचपन से संगठन के लिए कार्य कर रहे हैं और किसी नेता का समर्थन करने का अर्थ पेड वर्कर होना नहीं होता। इस विषय पर दोनों के मध्य काफी देर तक बहस होती रही। स्थिति बिगड़ते देख वहां मौजूद अन्य नेताओं ने मध्यस्थता की और विवाद को शांत कराया। इसके पश्चात नगर अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को आगामी समय में अन्य स्थानों पर समायोजित करने का आश्वासन दिया।
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सांसद समर्थक बोले भविष्य में पद देने का भरोसा दिया गया
घटनाक्रम के उपरांत नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने किसी भी प्रकार के विवाद से इनकार करते हुए कहा कि कार्यालय में ऐसी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कुछ कार्यकर्ता आए थे और उनसे सामान्य विषयों पर बात हुई थी। दूसरी ओर सांसद समर्थक कमल गोस्वामी ने कहा कि संगठन एक परिवार की तरह है और कार्यकर्ता अपने नेतृत्व के समक्ष केवल अपनी बात रखने गए थे। उन्होंने किसी भी प्रकार की गाली-गलौज या उग्र विवाद की बात को खारिज करते हुए कहा कि नगर अध्यक्ष ने भविष्य में अन्य जिम्मेदारियों में कार्यकर्ताओं को समायोजित करने का भरोसा दिया है।