भाजपा पार्षद को बचाने का आरोप।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
इंदौर में हुए भीषण गैस पाइपलाइन हादसे में गंभीर रूप से झुलसीं मशहूर कंटेंट क्रिएटर गिरी राजकुमारी उर्फ 'जिनी झाला' को आज (शुक्रवार) हाई कोर्ट के आदेश के बाद एयरलिफ्ट कर अहमदाबाद ले जाया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, उनका आगे का इलाज अहमदाबाद के प्रतिष्ठित जाइडस हॉस्पिटल में होगा, जहां उन्हें पूरी तरह ठीक होने में करीब 3 से 4 महीने का समय लग सकता है।
हाई कोर्ट के आदेश पर एक्शन
इससे पहले, गुरुवार को हाई कोर्ट द्वारा दिए गए कड़े निर्देशों के बाद शाम को ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम ने जिनी झाला के स्वास्थ्य की बारीकी से जांच की थी और ग्रीन कॉरिडोर के लिए अपनी मेडिकल रिपोर्ट तैयार की थी। आज सुबह तमाम पुख्ता इंतजामों के बीच उन्हें अहमदाबाद शिफ्ट करने की प्रक्रिया पूरी की गई।
"जिम्मेदारों पर कब होगी कार्रवाई?", पीड़िता का छलका दर्द
अस्पताल के आईसीयू (ICU) से बाहर लाते वक्त जिनी झाला दर्द से कराह रही थीं, लेकिन उन्होंने अपनी इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को घेरा। मीडिया से बात करते हुए भावुक और आक्रोशित लहजे में उन्होंने कहा: "मेरी इस हालत के लिए स्थानीय पार्षद और लापरवाह अधिकारी पूरी तरह जिम्मेदार हैं। प्रशासन ने अभी तक उनके खिलाफ कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया? इस हादसे के असली दोषियों पर भी तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज होनी चाहिए।"
महापौर ने की मुलाकात
इंदौर के विजय नगर इलाके में हुए गैस पाइपलाइन विस्फोट में झुलसे लोगों का हालचाल जानने के लिए महापौर पुष्यमित्र भार्गव अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वहां भर्ती सभी मरीजों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। महापौर ने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करते हुए कहा कि वे ईश्वर से सभी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दुर्घटना के असली कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है और संबंधित अधिकारियों को इस मामले में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं। हादसे में 3 लोग गंभीर रूप से जल गए हैं।
नगर निगम पर लगा भाजपा पार्षद को बचाने का गंभीर आरोप
दूसरी तरफ, इस पूरे घटनाक्रम में नगर निगम की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हादसे का शिकार हुए घायलों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि घटनास्थल से मात्र दो सौ मीटर की दूरी पर भाजपा पार्षद बालमुकुंद सोनी का निवास स्थान है। प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों के मुताबिक, हादसे के समय पार्षद खुद वहां मौजूद थे और अपनी देखरेख में बोरिंग का काम करवा रहे थे। इसके बावजूद, नगर निगम के आला अफसरों और नेताओं ने घटना वाले दिन से ही पार्षद को बचाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं, यही वजह है कि अब तक इस पूरे मामले में पार्षद का नाम आधिकारिक तौर पर सामने नहीं लाया गया है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने इस अवैध बोरिंग की अनुमति से जुड़ी कई रिपोर्ट नगर निगम से मांगी है, लेकिन निगम प्रशासन ने अब तक वह रिपोर्ट पुलिस को नहीं सौंपी है, जिससे मिलीभगत की आशंका और गहरी हो गई है।