Indore News: अवंतिका गैस पाइप लाइन हादसा मामले में एसडीएम घनश्याम धनगर ने गलत हलफनामा पेश करने पर हाईकोर्ट से माफी मांगी। कोर्ट ने कहा कि सभी पीड़ितों को समय पर उचित इलाज मिलने के साथ-साथ पर्याप्त मुआवजा भी प्रदान किया जाए।
इंदौर के अवंतिका गैस पाइप लाइन हादसे के मामले में एसडीएम घनश्याम धनगर ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से माफी मांगी है। अधिकारी ने अदालत में बताया कि पिछली सुनवाई के दौरान पेश किए गए हलफनामे में मुआवजे और इलाज के खर्च से संबंधित जानकारी को स्पष्ट करने में त्रुटि हो गई थी। उन्होंने कोर्ट को आश्वस्त किया कि हादसे में झुलसे सभी प्रभावित व्यक्तियों के इलाज का पूरा खर्च शासन द्वारा वहन किया जाएगा।
पीड़ितों के बेहतर इलाज के लिए दिए निर्देश
मामले की सुनवाई के दौरान एसडीएम स्वयं कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुए। इस स्थिति पर कड़ा संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश शासन और नगर निगम को सख्त निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी पीड़ितों को समय पर उचित इलाज मिलने के साथ-साथ पर्याप्त मुआवजा भी प्रदान किया जाए।
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मुआवजे की राशि पर फैसला 27 अगस्त को
पीड़ितों को मुआवजे के रूप में कितनी राशि दी जाएगी, इसका अंतिम निर्धारण आगामी सुनवाई में किया जाएगा। इसके लिए हाईकोर्ट ने 27 अगस्त की तिथि निर्धारित की है। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान शासन ने दावा किया था कि प्रभावितों के इलाज का भुगतान किया जा चुका है, जिसका शपथ पत्र भी प्रस्तुत किया गया था।
दावों में विरोधाभास
शासन के इस दावे का पीड़ितों ने विरोध किया था। हादसे में घायल इन्फ्लुएंसर गिरी उर्फ राजकुमारी झाला के पक्ष ने कोर्ट को बताया कि अहमदाबाद में उनका उपचार अभी भी जारी है और अस्पताल का लगभग 14 लाख रुपए का बकाया बिल शासन द्वारा चुकता नहीं किया गया है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने शासन के हलफनामे पर नाराजगी जताई थी और जूनी इंदौर एसडीएम को व्यक्तिगत रूप से तलब किया था। इसके अतिरिक्त अदालत ने अवंतिका गैस एजेंसी को भी 27 अगस्त तक अपना पक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।