बेंगलुरु के पहाड़ी क्षेत्र में लापता इंदौर का इंजीनियर
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फोन स्विच ऑफ मिला
जब दोपहर में मंगेतर का अद्वैत से संपर्क नहीं हुआ तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई। तलाशी अभियान के दौरान बचाव दल को अद्वैत का स्वेटर, मोबाइल फोन और ड्रोन मिला। वह एक स्कूटर किराए पर लेकर ट्रेकिंग के लिए गया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। जहां उसका फोन और ड्रोन मिला, उसके दो किलोमीटर के दायरे में पुलिस ने तलाश की, लेकिन सात दिन बाद भी कुछ नहीं मिला है। दो दिन पहले ड्रोन के फुटेज में एक आकृति दिखाई दी थी, लेकिन मौके पर कुछ नहीं मिला।
तीन एंगल पर हो रही जांच
- लैपटॉप की चैटजीपीटी हिस्ट्री में अद्वैत ने शिवगंगे पहाड़ी की ऊंचाई, गिरने समेत अन्य चीजों के बारे में घटना से एक दिन पहले सर्च किया था। इसके बाद वह ट्रेकिंग पर गया था। इस कारण पुलिस ने पहले आत्महत्या के एंगल से जांच की, लेकिन पुलिस को इसकी कोई ठोस वजह नहीं मिली। मंगेतर या परिवार के किसी अन्य सदस्य से भी उसका कोई विवाद नहीं था।
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- पुलिस को यह भी आशंका है कि अद्वैत किसी हादसे का शिकार हुआ है, क्योंकि वह ड्रोन कैमरा भी लेकर गया था। पुलिस का मानना है कि यदि वह आत्महत्या के इरादे से गया होता तो ड्रोन किराए पर नहीं लेता और मंगेतर को भी ट्रेकिंग के बारे में नहीं बताता।
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- यह भी आशंका व्यक्त की जा रही है कि अद्वैत के साथ किसी तरह की आपराधिक वारदात हुई हो। हालांकि, उसके पास कोई कीमती वस्तु नहीं थी और उसका मोबाइल फोन व ड्रोन भी मिल गया है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कहीं अद्वैत ने खुद के लापता होने की कोई कहानी तो नहीं गढ़ी है, क्योंकि सात दिन बाद भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है। जिस दिन वह ट्रेकिंग पर गया था, उस दिन वहां अन्य पर्यटक भी थे। इस कारण आपराधिक वारदात की आशंका भी कम नजर आ रही है।
दस साल पहले पिता की हो चुकी है मौतअद्वैत इकलौता बेटा है। दस साल पहले बीमारी के चलते उसके पिता की मौत हो गई थी। मां के लिए अद्वैत ही सहारा था। वह इंदौर के गोयल नगर इलाके में रहते हैं। लापता होने की घटना के बाद मां को अन्य परिजन भोपाल ले गए। परिजन बेंगलुरु पुलिस के संपर्क में भी हैं। उनका कहना है कि वे पुलिस के तलाशी अभियान से संतुष्ट हैं।