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इंदौर: कलेक्टर ऑफिस का गेट तोड़ने की कोशिश, बैरिकेड्स फांदकर अंदर घुसे ABVP कार्यकर्ता

Thu, 27 Aug 2026 04:42 PM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

एबीवीपी से जुड़े छात्रों ने कॉलेजों में पीने के पानी, शौचालय, लाइब्रेरी और सुरक्षा जैसी 10 से अधिक बुनियादी मांगों को लेकर आज इंदौर कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। घटना के पश्चात पूरे परिसर की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
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कलेक्टर को ज्ञापन देने पर अड़े छात्र - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
मध्यप्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में व्यवस्था सुधार की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को इंदौर स्थित कलेक्टर कार्यालय के बाहर जमकर धरना-प्रदर्शन किया।

कलेक्टर कार्यालय में सुरक्षा बलों से धक्कामुक्की
प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर शिवम वर्मा को ही ज्ञापन सौंपने पर अड़े रहे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक परिसर के बाहर लगाए गए बैरिकेड्स तोड़ दिए और अंदर दाखिल हो गए। स्थिति तब और बिगड़ गई जब कार्यकर्ताओं ने मुख्य भवन के प्रवेश द्वार को क्षति पहुंचाने का प्रयास किया। वहां मौजूद पुलिस और सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। बाद में छात्रों ने संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। घटना के पश्चात पूरे परिसर की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
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बाहर नारेबाजी करते कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
शासकीय संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी
छात्र नेताओं ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों और शासकीय महाविद्यालयों के शैक्षणिक स्तर पर गंभीर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि विद्यार्थियों को न्यूनतम बुनियादी संसाधनों के बिना अध्ययन करने के लिए विवश होना पड़ रहा है। संगठन ने मांग रखी है कि शासन को तुरंत संज्ञान लेते हुए सभी शैक्षणिक संस्थानों में साफ, सुरक्षित और सुविधायुक्त माहौल सुनिश्चित करना चाहिए।

महाविद्यालयों में प्रशासनिक लापरवाही का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कई शासकीय महाविद्यालयों में पीने के स्वच्छ पानी, शौचालयों की सफाई, बैठने की सुव्यवस्थित व्यवस्था, लाइब्रेरी, लैब और खेल मैदानों की हालत बेहद दयनीय है। इसके अलावा बिजली आपूर्ति, छात्राओं की सुरक्षा, इंटरनेट कनेक्टिविटी, वाहन पार्किंग और प्राथमिक चिकित्सा जैसी अति आवश्यक सुविधाओं की भी भारी अनदेखी की जा रही है। छात्र प्रतिनिधियों का तर्क है कि शिक्षा का अधिकार केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को गरिमापूर्ण शैक्षणिक वातावरण देना भी प्रशासन का कर्तव्य है।

छात्राओं और दिव्यांगों के मुद्दे भी उठाए
संगठन के मालवा प्रांत के मीडिया सयोजक पुनीत गुंजाल ने बताया कि शासकीय महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा आज “विद्यार्थी हुंकार अभियान” के अंतर्गत प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किया गया। इंदौर में सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थियों ने मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। अभाविप ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि सरकार प्रदेश के सभी शासकीय महाविद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का तत्काल सर्वे कराते हुए ठोस आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे एवं उन व्यवस्थाओं को सुचारू किया जाए तथा जिन कार्यों के लिए बजट की आवश्यकता है, उनके लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक बजट उपलब्ध कराया जाए। मालवा प्रान्त मंत्री श्री दर्शन, अभाविप के इंदौर महानगर मंत्री देवेश गुर्जर ने कहा कि महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। छात्राओं के लिए सुरक्षित शौचालय व कॉमन रूम, दिव्यांगों के लिए रैंप और 'विवेकानंद करियर गाइडेंस सेल' को पुनः शुरू किया जाए। हमने मांग की है कि शासन इन मांगों पर प्राथमिकता से कार्रवाई करे ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
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