इंदौर के तोड़ा क्षेत्र में एक खतरनाक मकान भरभरा कर गिर पड़ा। जिस वक्त यह हादसा हुआ, तब न तो मकान के भीतर कोई था और न ही आसपास लोग खड़े थे। इस कारण कोई जनहानि नहीं हुई। समीप के खाली प्लाॅट पर खुदाई की जा रही थी। इस कारण पास का मकान गिर पड़ा।
तीन साल पहले जवाहर मार्ग से चंद्रभागा जूनी इंदौर की रिवर साइड रोड बनाने के लिए 50 से ज्यादा मकानों के आगे के हिस्से हटाए गए थे, लेकिन बचे हिस्से रहने लायक नहीं बचे थे। पिछले दिनों नगर निगम ने 18 आधे मकानों को भी तोड़ा था,ताकि हादसा न हो।
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बुधवार दोपहर मकान गिरने की घटना के बाद आसपास के लोग डर गए। उन्हें आशंका थी कि कही मलबे में कोई दबा न हो। मौके पर रावजी बाजार पुलिस भी पहुंची और जांच की। मलबे में किसी के दबे होने की सूचना नहीं मिली। यह मकान सैय्याद अखलाक का है। इसका कुछ हिस्सा सड़क की चौड़ाई की जद में आने के कारण तोड़ा गया था, लेकिन मकान मालिक ने बचे हिस्से की मरम्मत नहीं की थी। मकान खतरनाक स्थिति में होने के कारण चार माह पहले परिवार के लोगों मकान खाली कर दूसरी जगह रहने चले गए थे।
पिलर धंसने के कारण गिरा मकान
तीन मंजिला मकान पिलर धंसने के कारण गिरा। यह मकान 40 साल से ज्यादा पुराना था और वर्षों तक कई किराएदार भी रहते थे। इस नए मार्ग पर कुछ अन्य मकान भी है, जो अधूरे टूटे हुए है। अब नगर निगम की टीम उन मकानों की पड़ताल भी कर रही है। नगर निगम का अमला झांकी मार्ग के खतरनाक मकानों की भी जांच कर उन्हें नोटिस देगा, ताकि चल समारोह के दौरान हादसा न हो।