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Indore: नर्मदा का जलस्तर कम, तालाब भी आधे खाली, 600 टैंकरों से इंदौर में खत्म नहीं हो रहा जलसंकट

Sat, 09 May 2026 11:40 AM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर में जलसंकट गहरा गया है। मानसून आने में अभी कुछ दिन बाकी हैं, लेकिन शहर के कई बोरिंग सूख चुके हैं, तालाबों का जलस्तर घट चुका है और नर्मदा नदी की आपूर्ति भी कम हो गई है। इस वजह से शहर में पानी की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर पैदा हो गया है।
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पिपलियाहाना तालाब सूख गया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंदौर में 15 जून के आस-पास मानसून सक्रिय होता है, लेकिन उससे पहले शहरवासियों को 30 कठिन दिनों का सामना करना पड़ सकता है। शहर के 60 प्रतिशत से अधिक बोरिंग्स में पानी का स्तर गिर चुका है और कई बोरिंग पूरी तरह सूख गई हैं। स्थानीय तालाबों का जलस्तर आधे से ज्यादा खाली हो गया है। शहर की मुख्य जल आपूर्ति नर्मदा नदी पर निर्भर है, लेकिन इसका जलस्तर समुद्र तल से 147 मीटर तक गिर चुका है।

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इंदौर में प्रतिदिन कुल 430 एमएलडी पानी की मांग है, लेकिन वर्तमान में केवल 320 एमएलडी पानी उपलब्ध हो पा रहा है। नर्मदा और यशवंत सागर से मिल रही आपूर्ति 350 एमएलडी है। यशवंत सागर तालाब, जिसकी कुल क्षमता 19 फीट है, आधा खाली हो चुका है और यह तालाब शहर को प्रतिदिन 30 एमएलडी पानी उपलब्ध कराता है।
 

शहर में जल वितरण के लिए हर दिन 600 से अधिक टैंकर दौड़ रहे हैं। कुछ वार्डों में दो टैंकर और कुछ में तीन टैंकर भेजे जा रहे हैं। शहर की 100 से अधिक बस्तियों की गलियां इतनी तंग हैं कि वहां टैंकर या चार-पहिया वाहन तक नहीं पहुँच सकते।

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गोमा की फेल, पंचम की फेल, लाला का बगीचा, चंदन नगर, अशर्फी नगर, धीरज नगर, कृष्णबाग कॉलोनी सहित कई गलियों में लोग दिनभर खाली बर्तन और केन में पानी भरने के लिए इंतजार कर रहे हैं। तालाबों का कम जलस्तर आसपास की कॉलोनियों के भूजल स्तर को प्रभावित कर रहा है।
 

जलकार्य समिति प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू का कहना है कि गर्मी के मौसम में पानी की मांग बढ़ जाती है जबकि आपूर्ति प्रभावित होती है। इसलिए कुछ इलाकों में जलसंकट और टैंकरों पर निर्भरता बढ़ गई है।

 

इसलिए इंदौर में गहराया जलसंकट

-शहर में 60 प्रतिशत से ज्यादा बोरिंगों में पानी कम आ रहा है। कई बोरिंग पूरी तरह सूख गए है।

-तालाबों का जलस्तर कम हुआ है। इससे आसपास की काॅलोनियों का भूजल स्तर प्रभावित हो रहा है।

-नर्मदा नदी का जलस्तर भी कम हुआ है। शहर में 100 एमएलडी पानी की कमी हो गई है।

-टैंकर नर्मदा की टंकियों से भरे जा रहे है। इस कारण नलों में भी पानी का दबाव कम है।

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