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इंदौर: नगर निगम कर्मचारी ने पी लिया जहर, चार लोगों पर लगाए गंभीर आरोप

Sat, 03 Oct 2026 01:32 PM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर नगर निगम के ड्राइवर ने चार लोगों पर उधारी व प्रताड़ना का आरोप लगाकर जहर पी लिया। घटना से पहले बने वीडियो के आधार पर संयोगितागंज पुलिस जांच कर रही है। गंभीर हालत में पीड़ित का एमवाय अस्पताल के आईसीयू में इलाज जारी है।
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धर्मेंद्र धारू - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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इंदौर के नगर निगम विभाग में पिछले एक दशक से ड्राइवर के पद पर पदस्थ कर्मचारी धर्मेंद्र धारू ने संदिग्ध परिस्थितियों में विषैला पदार्थ पीकर अपनी जीवनलीला समाप्त करने का प्रयास किया। घटना के तुरंत बाद जब कर्मचारी की तबीयत बिगड़ने लगी, तो परिजनों को इस मामले की भनक लगी और वे आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए महाराजा यशवंतराव (एमवाय) अस्पताल लेकर पहुंचे। फिलहाल पीड़ित कर्मचारी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और चिकित्सकों की देखरेख में आईसीयू में उनका इलाज जारी है।
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पीड़ित ने जहर पीने से पहले रिकॉर्ड किया वीडियो
इस आत्मघाती कदम को उठाने से ठीक पहले धर्मेंद्र धारू ने अपने मोबाइल फोन से एक वीडियो संदेश रिकॉर्ड किया था। इस वीडियो में पीड़ित ने अत्यंत व्यथित मन से अपनी आपबीती साझा की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उन पर मानसिक रूप से अत्यधिक दबाव बनाया जा रहा था। पीड़ित के अनुसार, उन्हें बिना किसी कारण या गलती के काम से हटा दिया गया और पिछले दो दिनों से वाहन चलाने की अनुमति नहीं दी जा रही थी। इस प्रशासनिक और व्यक्तिगत उत्पीड़न से वे बुरी तरह मानसिक तनाव का सामना कर रहे थे।

चार व्यक्तियों पर वसूली और प्रताड़ना के गंभीर आरोप
अपनी आपबीती में धर्मेंद्र धारू ने चार प्रमुख व्यक्तियों को इस पूरे घटनाक्रम और अपनी इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने वीडियो में दुर्गेश शुक्ला, योगेश राठौर, सहायक सीएस भंवर धावरे और बंटी का नाम लिया। पीड़ित का आरोप है कि ये लोग उनसे लगातार अवैध रूप से रुपयों की मांग कर रहे थे और उधारी तथा ब्याज की रकम वापस लेने के नाम पर उन पर अनुचित दबाव बना रहे थे। इसी निरंतर प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाने का निर्णय लिया।
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आर्थिक लेनदेन से जुड़ी प्रताड़ना का मामला
मामले की शुरुआती पड़ताल से यह बात सामने आ रही है कि यह पूरा घटनाक्रम उधारी, ब्याज और लेनदेन के विवाद से गहराई से जुड़ा हुआ है। आरोपी व्यक्तियों द्वारा पीड़ित कर्मचारी पर पैसों के लिए हर तरफ से घेराबंदी की जा रही थी। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और सच्चाई की पूरी तस्वीर पुलिस द्वारा पीड़ित का बयान दर्ज किए जाने के बाद ही साफ हो पाएगी।

पुलिस प्रशासन ने शुरू की जांच प्रक्रिया
स्थानीय संयोगितागंज थाना पुलिस ने इस मामले का संज्ञान ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो क्लिप को साक्ष्य के रूप में शामिल कर मामले की गहनता से पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि डॉक्टरों की अनुमति मिलते ही धर्मेंद्र धारू का आधिकारिक बयान दर्ज किया जाएगा, जिसके आधार पर नामजद लोगों के खिलाफ वैधानिक कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
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