इंदौर में आयोजित एमपीपीएससी मुख्य परीक्षा के पहले दिन का पेपर मॉडरेट रहा। पिछले साल से आसान इस पेपर में तथ्य आधारित सवाल पूछे गए। अभ्यर्थियों के अनुसार कटऑफ में थोड़ी बढ़ोतरी की संभावना है।
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2026 के पहले दिन का आयोजन सोमवार को हुआ। परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर न तो बहुत कठिन था और न ही बहुत आसान। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार का पेपर कुछ हद तक सरल रहा, हालांकि अभ्यर्थियों ने कहा कि कुछ प्रश्नों के उत्तर देने के लिए विषय का गहराई से अध्ययन होना आवश्यक था। इंदौर मुख्यालय पर MPPSC राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 7 से 12 सितंबर तक आयोजित की जा रही है। छह केंद्रों पर 2428 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। आयोग ने सुरक्षा के लिए त्रिस्तरीय जांच लागू की है। अभ्यर्थियों ने सुबह 8.30 बजे पहुंचकर ही उपस्थिति दर्ज करवाई।
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कटऑफ में बढ़ोतरी की संभावना
अभ्यर्थियों के अनुसार परीक्षा में राज्यों की रैंकिंग और कई महत्वपूर्ण तथ्यों से जुड़े सवाल पूछे गए। प्राचीन इतिहास से संबंधित प्रश्नों का पैटर्न भी पिछले वर्षों से थोड़ा अलग देखा गया। परीक्षा में लगभग 50 से 60 प्रतिशत अभ्यर्थियों का प्रदर्शन बेहतर रहने की उम्मीद है, जिसके कारण कटऑफ में मामूली बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
विस्तार से उत्तर लिखने में आई चुनौती
भूगोल विषय में कई विशिष्ट और तथ्य आधारित सवाल शामिल किए गए थे। ज्वार की खेती से जुड़े एक प्रश्न में चार प्रमुख राज्यों के नाम पूछे गए थे। कुछ विषयों की जानकारी सीमित होने के कारण परीक्षार्थियों के सामने दो पन्नों में उत्तर विस्तार से लिखना एक बड़ी चुनौती रहा।
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बेहतर समय प्रबंधन करने वाले अभ्यर्थियों का पेपर अच्छा गया
परीक्षार्थियों ने बताया कि 3 घंटे की अवधि सामान्य तौर पर पर्याप्त थी। हालांकि जिन अभ्यर्थियों ने शुरुआत के प्रश्नों में अधिक समय लगाया, उन्हें अंतिम भाग के लिए समय प्रबंधन में थोड़ी कठिनाई हुई। समग्र रूप से पेपर संतुलित रहा और कटऑफ पिछले साल के आंकड़ों से थोड़ा अधिक रहने का अनुमान है।